भारत में थ्रेड्स पर आया पैरेंटल सुपरविजन फीचर: समय सीमा से स्लीप मोड तक, माता-पिता को मिलेंगे कौन से कंट्रोल?

जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति शुक्ला
Fri, 18 Sep 2026 04:57 PM IST
सार

मेटा ने थ्रेड पर पैरेंटल सुपरविजन फीचर को एशिया पैसिफिक में रोल आउट करना शुरू कर दिया है। इससे माता-पिता किशोरों का स्क्रीन टाइम देख सकेंगे और कई सेटिंग्स में मैनेज कर सकेंगे। आइए जानते हैं अब पैरेंट्स में क्या-क्या कंट्रोल मिलने वाले हैं।

Meta Rolls Out Threads Parental Supervision Tools in India to Boost Teen Online Safety
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    मार्क जकरबर्ग की कंपनी मेटा एशिया पैसिफिक क्षेत्र, जिसमें भारत भी शामिल है, में थ्रेड पर पैरेंटल सुपरविजन फीचर रोल आउट कर रही है। इसके जरिए माता-पिता और अभिभावकों को किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को समझने और कुछ सेटिंग्स मैनेज करने के लिए नए टूल्स मिलेंगे। यह अपडेट ऐसे समय में आया है जब ऑनलाइन चाइल्ड सेफ्टी को लेकर दुनियाभर में चर्चा बढ़ रही है।

    नए अपडेट के तहत माता-पिता फैमिली सेंटर के जरिए थ्रेड से जुड़े सुपरविजन टूल्स एक्सेस कर सकेंगे। सुपरविजन सेट होने के बाद वे यह देख पाएंगे कि उनके किशोर ने पिछले सप्ताह हर दिन थ्रेड पर कितना समय बिताया। इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर बिताए गए औसत डेली टाइम की जानकारी भी देखी जा सकेगी।

    तय कर सकेंगे रोजाना इस्तेमाल की टाइम लिमिट

    • मेटा अब माता-पिता को थ्रेड के लिए डेली टाइम लिमिट सेट करने की सुविधा भी दे रही है। यानी वे तय कर सकेंगे कि उनका किशोर हर दिन कितनी देर तक थ्रेड का इस्तेमाल कर सकता है।
    • माता-पिता कुछ खास दिनों और घंटों के दौरान थ्रेड्स का एक्सेस ब्लॉक भी कर सकेंगे। अगर कोई किशोर थ्रेड्स को एक से ज्यादा डिवाइस पर इस्तेमाल करता है, तो सेट की गई टाइम लिमिट सभी डिवाइसेस पर थ्रेड्स के कुल इस्तेमाल के समय पर लागू होगी।

    रात में थ्रेड्स का इस्तेमाल कर सकेंगे लिमिट

    • नए पैरेंटल सुपरविजन टूल्स में स्लीप मोड का कंट्रोल भी दिया गया है। अब माता-पिता रात के समय थ्रेड्स के इस्तेमाल को लिमिट या पूरी तरह ब्लॉक कर सकेंगे।
    • डिफॉल्ट सेटिंग के तहत रात दस बजे से सुबह सात बजे तक नोटिफिकेशन म्यूट रहती हैं और ऑटो-रिप्लाईज सक्षम रहती हैं। माता-पिता अपनी जरूरत के अनुसार स्लीप मोड की सेटिंग्स को एडजस्ट कर सकते हैं।

    टैग और प्राइवेसी सेटिंग्स पर भी नियंत्रण

    • माता-पिता यह भी मैनेज कर सकेंगे कि उनके किशोर को थ्रेड्स की पोस्ट में कौन टैग कर सकता है। इसके अलावा कुछ प्राइवेसी सेटिंग्स और सेंसटिव कॉन्टेंट प्रीफरेंस को भी मैनेज और अप्रूव करने की सुविधा दी जा रही है।
    • इससे माता-पिता को सिर्फ स्क्रीन टाइम पर नजर रखने के बजाय किशोर के थ्रेड्स अकाउंट से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा और प्राइवेसी सेटिंग्स को नियंत्रित करने का विकल्प मिलेगा।

    16 साल से कम उम्र के किशोरों के लिए क्या हुए बदलाव?

    • मेटा का कहना है कि थ्रेड्स के टीन अकाउंट्स में पहले से ही कई बिल्ट-इन प्रोटेक्शन मौजूद हैं। इनमें प्राइवेट अकाउंट और किशोरों को दिखाए जाने वाले कंटेंट पर कुछ सीमाएं शामिल हैं।
    • कंपनी के अनुसार, नए पैरेंटल सुपरविजन टूल के जरिए माता-पिता यह तय कर सकेंगे कि 16 साल से कम उम्र के किशोर कुछ सेफ्टी सेटिंग्स को कम सख्त करने के लिए खुद बदल सकते हैं या नहीं।

    भारतीय पैरेंट्स के लिए क्यों खास है यह नया अपडेट?

    • देखिए, भारत में ऑनलाइन चाइल्ड सेफ्टी को लेकर भी सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही पर चर्चा होती रही है। हाल ही में मेटा ने भारत के साइबरक्राइम पोर्टल पर चाइल्ड सेफ्टी से जुड़े मामलों, जिसमें बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री (CSAM) भी शामिल है, सीधे रिपोर्ट करने पर सहमति जताई थी। यह मामला इंस्टाग्राम पर कथित सीएसएएम से जुड़े विज्ञापनों को लेकर सरकारी जांच के बीच सामने आया था।
    • कंपनी को अपने प्लेटफॉर्म्स पर चाइल्ड सेफ्टी उपायों को लेकर सवालों का सामना भी करना पड़ा है। ऐसे में थ्रेड्स पर पैरेंटल सुपरविजन टूल्स का विस्तार माता-पिता को किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर कुछ अतिरिक्त नियंत्रण देने की दिशा में मेटा का नया कदम है।
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