बांदकपुर चौकी क्षेत्र के हिनौती गांव में जुआ फड़ पर पुलिस कार्रवाई के दौरान 46 वर्षीय शिव सिंह लोधी की मौत के बाद शुक्रवार को भी तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। सागर मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया।
बारिश के बीच पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लोगों को समझाने पहुंचे, लेकिन इसी दौरान विवाद बढ़ गया। पुलिस-प्रशासन के अनुसार भीड़ की ओर से कीचड़, गोबर, मुरम और पत्थर फेंके गए। घटना में दमोह एसडीएम सौरभ गंधर्व के पैर में चोट आई, जबकि पथरिया थाना प्रभारी महेंद्र जगेत समेत कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोट लगने की जानकारी सामने आई है।
शव पहुंचते ही सड़क पर बैठ गए ग्रामीण
गुरुवार रात जुआ फड़ पर पुलिस कार्रवाई के दौरान शिव सिंह लोधी की तबीयत बिगड़ गई थी। पुलिस के अनुसार वह मौके पर बेहोशी की हालत में मिले थे। उन्हें हिंडोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। मौत की जानकारी के बाद परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मारपीट के आरोप लगाए थे। शुक्रवार को सागर मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा तो आक्रोश और बढ़ गया। ग्रामीणों ने बारिश के बीच मुख्य मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
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समझाने पहुंचे अधिकारियों पर अचानक फेंकी गईं चीजें
चक्काजाम की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर जाम समाप्त कराने तथा अंतिम संस्कार के लिए सहमति बनाने का प्रयास किया। इसी दौरान स्थिति अचानक बिगड़ गई। पुलिस और प्रशासन के अनुसार कुछ लोगों, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, की ओर से कीचड़, गोबर, मुरम और पत्थर फेंके गए। इस घटनाक्रम में एसडीएम सौरभ गंधर्व के पैर में चोट आई। पथरिया थाना प्रभारी महेंद्र जगेत और कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। घायलों को बांदकपुर स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद कुछ घायलों को जिला अस्पताल दमोह भेजे जाने की जानकारी सामने आई।
एसपी बोले- प्रदर्शन कुछ ही सेकंड रहा
दमोह एसपी आनंद कलादगी ने घटनाक्रम को लेकर बताया कि स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है। उनके अनुसार महिलाओं की ओर से कीचड़ और मुरम फेंका गया था। उन्होंने कहा कि पथराव जैसी स्थिति नहीं थी और प्रदर्शन करीब पांच सेकंड तक रहा। पुलिस-प्रशासन ने इसके बाद बातचीत के माध्यम से स्थिति को संभाल लिया।एसपी के अनुसार अंतिम संस्कार के बाद गांव में स्थिति सामान्य है और पुलिस-प्रशासन की ओर से लगातार नजर रखी जा रही है।
परिजनों की दो प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान मृतक के परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग रखी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से मृतक के परिवार को शासन के नियमानुसार मिलने वाली सहायता राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है। इसके बाद परिजनों की सहमति बनी और अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण तरीके से कराया गया।
पहले अस्पताल में हुआ था हंगामा
शिव सिंह की मौत के बाद गुरुवार रात हिंडोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा किया था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि जुआ फड़ से पकड़े जाने के बाद पुलिस कार्रवाई के दौरान शिव सिंह के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ी। वहीं पुलिस का कहना है कि शिव सिंह मौके पर बेहोशी की हालत में मिले थे और उन्हें बचाने के लिए सीपीआर देने का प्रयास किया गया था। इसके बाद उन्हें तत्काल स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार मृतक की मेडिकल हिस्ट्री में हृदय संबंधी बीमारी की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
आठ पुलिसकर्मी लाइन अटैच, जांच कमेटी गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी आनंद कलादगी ने जुआ फड़ की कार्रवाई में शामिल थाना प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है। पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी भी गठित की गई है। सीएसपी एचआर पांडे ने बताया कि मामले में मर्ग जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
शिव सिंह लोधी की मौत को लेकर फिलहाल दो अलग-अलग पक्ष सामने हैं। परिजन पुलिस कार्रवाई के दौरान मारपीट का आरोप लगा रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि शिव सिंह बेहोशी की हालत में मिले थे और उन्हें बचाने का प्रयास किया गया था। शव का पोस्टमार्टम सागर मेडिकल कॉलेज में कराया जा चुका है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मर्ग जांच और गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट से मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल अंतिम संस्कार के बाद हिनौती गांव में हालात सामान्य बताए जा रहे हैं।

कीचड़ फेंकते हुए मौजूद पुलिस प्रशासन पर पथराव करते ग्रामीण- फोटो : credit
कीचड़ फेंकते हुए मौजूद पुलिस प्रशासन पर पथराव करते ग्रामीण- फोटो : credit
कीचड़ फेंकते हुए मौजूद पुलिस प्रशासन पर पथराव करते ग्रामीण- फोटो : credit