जिले में अघोषित बिजली कटौती, कृषि पंपों के अधिक बिजली बिल और किसानों की समस्याओं को लेकर किसान एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस नेता अजय रघुवंशी ने बिजली विभाग और जल संसाधन विभाग के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए किसानों की समस्याओं का जल्द निराकरण करने की मांग की। साथ ही बुरहानपुर जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग भी उठाई गई। मांगों का निराकरण नहीं होने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है।
किसानों और ग्रामीणों का आरोप है कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में करीब एक महीने से रात के समय लगातार बिजली कटौती की जा रही है। बिजली कभी भी गुल हो जाने से ग्रामीणों के रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी आबादी गांवों में निवास करती है, इसके बावजूद बिजली आपूर्ति को लेकर उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। वहीं ग्रामीणों ने शहरों की तुलना में गांवों में बिजली व्यवस्था को लेकर भेदभाव होने की बात भी कही।
कांग्रेस नेता अजय रघुवंशी ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि विभाग की मनमानी के कारण किसान परेशान हैं। उन्होंने कहा कि 10 हॉर्स पावर के कृषि पंप का इस्तेमाल करने वाले किसानों को 12 हॉर्स पावर के हिसाब से बिजली बिल थमाए जा रहे हैं। किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि कृषि पंपों की वास्तविक क्षमता के अनुसार बिलों की जांच कर गड़बड़ियों को दूर किया जाए।
ये भी पढ़ें: हरदा में टला बड़ा हादसा: कृषि मंडी में घरेलू सिलेंडर से गैस भरते समय जली स्कूल वैन, बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
किसानों की समस्याओं को उठाते हुए जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की गई है। कांग्रेस नेता ने बिजली विभाग के साथ जल संसाधन विभाग के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि बिजली कटौती बंद नहीं हुई और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
मामले में डिप्टी कलेक्टर तपिश पांडे ने कहा कि किसानों ने अघोषित बिजली कटौती और अधिक बिजली बिलों को लेकर शिकायत की है। इन शिकायतों के निराकरण के लिए जल्द कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग किसानों की मांगों पर कितनी जल्दी ठोस कदम उठाते हैं। फिलहाल किसानों को बिजली व्यवस्था में सुधार, कृषि बिलों की जांच और सूखे की स्थिति को लेकर राहत मिलने का इंतजार है।