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लखनऊ में हीमोफीलिया में ब्लीडिंग रोकने पर जोर, नियमित प्रोफिलैक्सिस से बचाई जा सकती है जोड़ों की सेहत
लखनऊ में हीमोफीलिया को केवल रक्तस्राव होने के बाद नियंत्रित करने वाली बीमारी के तौर पर देखने के बजाय अब उपचार का फोकस ब्लीडिंग की पहले से रोकथाम पर होना जरूरी है। विशेषज्ञों के मुताबिक गंभीर हीमोफीलिया, खासकर बच्चों में नियमित और दीर्घकालिक प्रोफिलैक्सिस से बार-बार होने वाले रक्तस्राव को कम किया जा सकता है। इससे जोड़ों और मांसपेशियों को होने वाली दीर्घकालिक क्षति का जोखिम भी घटाया जा सकता है।
हीमोफीलिया एक आनुवंशिक रक्तस्रवण संबंधी विकार है। इसमें रक्त का थक्का बनाने के लिए जरूरी क्लॉटिंग फैक्टर की कमी या उसके प्रभावी ढंग से काम नहीं करने के कारण रक्तस्राव हो सकता है। हीमोफीलिया ए में फैक्टर आठ की कमी प्रमुख कारण होती है। बार-बार होने वाला रक्तस्राव विशेष रूप से जोड़ों और मांसपेशियों को प्रभावित कर सकता है।
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