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लखनऊ के इटौंजा पहुंचे श्रद्धालु रोज 100 किमी साइकिल चलाकर 15 दिन में पहुंचेंगे वैष्णो देवी धाम
लखनऊ में माता वैष्णो देवी के प्रति आस्था और भक्ति का अनोखा उदाहरण बुधवार को इटौंजा में देखने को मिला। बाराबंकी के मवैया से श्रद्धालुओं का एक जत्था साइकिल से माता वैष्णो देवी धाम के दर्शन के लिए जम्मू रवाना हुआ। बुधवार को साइकिल सवार श्रद्धालु इटौंजा पहुंचे। इस दौरान उनके चेहरों पर थकान से अधिक उत्साह नजर आया।
श्रद्धालुओं ने बताया कि यात्रा का शुभारंभ एक दिन पहले बाराबंकी के मवैया से किया गया। सभी श्रद्धालु वहां एकत्र हुए और साइकिल से जम्मू स्थित माता वैष्णो देवी धाम के लिए निकल पड़े। उनका लक्ष्य प्रतिदिन करीब 100 किलोमीटर साइकिल चलाकर लगभग 15 दिनों में जम्मू पहुंचना है।
यात्रा के दौरान श्रद्धालु अपने साथ खाना बनाने का सामान, गैस चूल्हा और जरूरत की अन्य सामग्री लेकर चल रहे हैं। रास्ते में जहां सुविधा मिलती है, वहीं रुककर खाना बनाते हैं। कई बार मंदिरों में रात गुजारने के बाद सुबह फिर साइकिल से यात्रा शुरू कर देते हैं।
साइकिल सवार जीत बहादुर पाल ने बताया कि सभी श्रद्धालु काफी समय से साइकिल से माता वैष्णो देवी के दर्शन करने की इच्छा रखते थे। इसी श्रद्धा और संकल्प के साथ इस बार साइकिल से यात्रा करने की योजना बनाई गई। रास्ते में सभी लोग मिल-जुलकर एक-दूसरे का सहयोग कर रहे हैं।
यात्रा में शामिल रानू साहू इससे पहले ट्रेन से 17 बार माता वैष्णो देवी के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस बार माता के प्रति श्रद्धा और उत्साह के साथ साइकिल से दरबार तक पहुंचने का संकल्प लिया है।
साइकिल यात्रा में सोमनाथ साहू, रविंद्र पाल, ब्रजेश कश्यप, संजय निषाद और जगजीवन कश्यप समेत अन्य श्रद्धालु शामिल हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि रास्ते की मुश्किलें उनके उत्साह को कम नहीं करेंगी। माता के प्रति आस्था और विश्वास के साथ वे प्रतिदिन करीब 100 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए जम्मू पहुंचेंगे और माता के दर्शन करेंगे।
इटौंजा पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने बताया कि उनके लिए यह सिर्फ साइकिल यात्रा नहीं, बल्कि माता के प्रति आस्था, भक्ति और संकल्प की यात्रा है।
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