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ऊना: जल शक्ति विभाग की ईएनसी अंजू शर्मा ने किया अंब मंडल का औचक निरीक्षण, 1000 करोड़ के विकास कार्यों की समीक्षा
Ankesh Dogra
Updated Sun, 01 Nov 2026 02:31 PM IST
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जल शक्ति विभाग की इंजीनियर इन चीफ (ईएनसी) अंजू शर्मा ने रविवार को अपने तीन दिवसीय ऊना दौरे के तहत जल शक्ति मंडल अंब का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय और प्रयोगशाला की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ उपमंडल में चल रही पेयजल और सिंचाई योजनाओं की जमीनी प्रगति जांची।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फील्ड में सामने आ रही कमियों को तत्काल दूर किया जाए और सभी विकास कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
अमृत योजना और पेयजल परियोजनाओं का लिया जायजा
दौरे के दौरान ईएनसी ने अंब कस्बे में अमृत योजना के तहत चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। इसके अलावा कलरुही में माता चिंतपूर्णी के श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तैयार की जा रही पेयजल परियोजना और चुरूडू में विभाग के प्रस्तावित विश्राम गृह के लिए चयनित जमीन का भी मौके पर जाकर मुआयना किया।
इस दौरान सर्किल और मंडल स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ फील्ड इंजीनियर भी मौजूद रहे।
ऊना जिले में 1000 करोड़ के विकास कार्य प्रगति पर
निरीक्षण के बाद अंजू शर्मा ने बताया कि ऊना जिले में जल शक्ति विभाग के माध्यम से करीब एक हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य चल रहे हैं। इनमें से लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि इससे पहले ऊना, कुटलैहड़ और हरोली क्षेत्रों में भी जाकर परियोजनाओं की समीक्षा की गई है। हरोली में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क के लिए पानी के वितरण नेटवर्क की डीपीआर मंजूर हो चुकी है और जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है।
ईएनसी के अनुसार, बीत क्षेत्र की करीब 1800 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए भारत सरकार के सहयोग से लगभग 97 करोड़ रुपये की लागत से पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया जा रहा है। इस परियोजना पर काम तेजी से चल रहा है।
वहीं, कुटलैहड़ के लठियाणी क्षेत्र में पेयजल की कमी दूर करने के लिए गोबिंद सागर झील से पानी उठाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। करीब 23 करोड़ रुपये की लागत वाली इस नाबार्ड परियोजना को मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अंजू शर्मा ने बताया कि अंब कस्बे में अमृत योजना के तहत करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा कार्य लगभग पूरा हो चुका है। योजना के तहत दो वार्डों में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वाटर मीटर और फ्लो मीटर लगाए गए हैं।
इनकी मदद से पानी की उपलब्धता और पाइपलाइन में होने वाली लीकेज पर नजर रखी जा सकेगी। इसके अलावा माता का बाग क्षेत्र के लिए प्रस्तावित चार करोड़ रुपये की पेयजल योजना को मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज नेटवर्क विकसित करने का काम चल रहा है। इसके तहत अंब में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। आगे चलकर दौलतपुर और बंगाणा को भी इस व्यवस्था से जोड़ने की योजना है।
ईएनसी अंजू शर्मा ने कहा कि उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य फील्ड स्तर पर अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा करना और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को मौके पर ही दूर करना है।
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