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Asian Para Games: Celebrations in Badaun following Nishad’s golden leap; all eyes now on a potential second gold in the high jump on October 20.
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एशियन पैरा गेम्स: निषाद की स्वर्णिम छलांग पर बदाऊं में जश्न, अब 20 अक्तूबर को हाई जंप में दोहरे स्वर्ण पर नजर
एशियन पैरा गेम्स की टी-47 स्पर्धा में देश की झोली में स्वर्ण पदक डालकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहराने वाले स्टार एथलीट निषाद कुमार के पैतृक गांव बदाऊं में इस समय जश्न का माहौल है। निषाद की इस सफलता के बाद परिवार में भारी उत्साह है और घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। बदाऊं स्थित घर में निषाद के पिता रछपाल सिंह, माता पुष्पा देवी और बहन रमा देवी ने खुशी बांटते हुए उनकी खेल यात्रा और संघर्ष को साझा किया। बहन रमा देवी ने बताया कि पूरे परिवार ने टेलीविजन स्क्रीन पर टकटकी लगाए निषाद के खेल का सीधा प्रसारण देखा और जैसे ही उन्होंने सोने का तमगा पक्का किया, पूरा परिवार खुशी से झूम उठा। निषाद की नजरें अब 20 अक्तूबर को होने वाले हाई जंप के मुकाबले पर टिकी हैं, जहां वे टी-47 श्रेणी में अपनी प्रमुख स्पर्धा में भाग लेने उतरेंगे। वर्तमान समय में इस श्रेणी में निषाद दुनिया में नंबर वन रैंकिंग पर काबिज हैं और पूरे देश को उम्मीद है कि 20 तारीख के मुकाबले में भी वे अपने बेहतरीन प्रदर्शन को दोहराते हुए भारत के खाते में एक और स्वर्ण पदक जोड़ेंगे। उनकी माता ने बताया कि निषाद जब प्रतियोगिता के लिए रवाना हो रहे थे तो उन्होंने दो स्वर्ण पदक जीतकर लौटने का संकल्प लिया था, जिसका एक पड़ाव उन्होंने सफलतापूर्वक पार कर लिया है।खुशी के इन पलों के बीच परिवार के चेहरे पर व्यवस्था की अनदेखी को लेकर मायूसी भी साफ झलकी। माता पुष्पा देवी ने भावुक मन से सरकार के रवैये पर गहरा रोष जताया। ग्रामीण परिवेश से निकलकर खेल की दुनिया में शीर्ष मुकाम हासिल करने वाले निषाद 20 अक्तूबर को जब दोबारा मैदान में उतरेंगे, तो न सिर्फ उनका परिवार बल्कि पूरा प्रदेश और देश उनके ऐतिहासिक दोहरे स्वर्ण पदक का गवाह बनने के लिए प्रार्थना कर रहा होगा।
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