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सिरमौर: सड़क गायब, बची कंकरीट और गड्ढे; बारिश में तालाब बन जाता है नगर परिषद से मेडिकल कॉलेज का रास्ता
Ankesh Dogra
Updated Sun, 04 Oct 2026 04:23 PM IST
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नाहन शहर में कई सड़कें इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रही हैं। इनमें नगर परिषद कार्यालय से गुगा माड़ी होते हुए मेडिकल कॉलेज तक जाने वाला मार्ग भी शामिल है। वर्षों से मरम्मत का इंतजार कर रहा यह रास्ता अब सड़क से ज्यादा गड्ढों, कंकरीट और बजरी का रास्ता नजर आता है। हालात इतने खराब हैं कि बारिश होते ही सड़क के गड्ढों में पानी भर जाता है और पूरा मार्ग तालाब जैसा दिखाई देने लगता है। राहगीरों और वाहन चालकों के लिए पहले से परेशानी भरा यह सफर बारिश में और मुश्किल हो जाता है। नगर परिषद के अधीन आने वाले इस मार्ग की आखिरी बार मरम्मत कब हुई थी, इसे लेकर स्थानीय लोगों को भी स्पष्ट जानकारी नहीं है। सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है। जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं, जबकि सड़क पर बिखरी बजरी दोपहिया वाहन चालकों के लिए परेशानी बनी हुई है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों को उनकी गहराई का अंदाजा तक नहीं लग पाता। पानी और कीचड़ के बीच वाहन गुजरने पर आसपास से पैदल निकल रहे लोगों के कपड़े भी खराब होने की शिकायत है।
हरिपुर, ढाबो और बगीची सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए यह मार्ग मेडिकल कॉलेज पहुंचने का सीधा और शॉर्टकट रास्ता है। लेकिन सड़क की बदहाल स्थिति के कारण कई लोग अब इस रास्ते का इस्तेमाल करने से बच रहे हैं और अस्पताल पहुंचने के लिए लंबा रास्ता चुन रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों और उनके तीमारदारों को उठानी पड़ रही है। यदि किसी मरीज को जल्द अस्पताल पहुंचाने की जरूरत हो तो खराब सड़क के कारण सफर और मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय निवासी आदित्य दत्त शर्मा ने बताया कि उन्हें याद नहीं कि इस मार्ग की आखिरी बार कब मरम्मत हुई थी। उन्होंने कहा कि सड़क के किनारों पर निकले नुकीले लोहे और पाइप के टुकड़े भी राहगीरों के लिए खतरा बने हुए हैं।
उनके अनुसार बारिश के दौरान सड़क पर पानी भरने से तालाब जैसी स्थिति बन जाती है। उन्होंने दावा किया कि कई दोपहिया वाहन चालक यहां फिसलकर गिर भी चुके हैं।
स्थानीय निवासी साजिद अली ने कहा कि मार्ग के नाम पर अब कंकरीट और गड्ढे ही नजर आते हैं। मेडिकल कॉलेज जाने वाला यह शॉर्टकट सुविधा देने के बजाय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है।
उन्होंने कहा कि लोग अब इस रास्ते से जाने के बजाय लंबा रास्ता तय करके अस्पताल पहुंच रहे हैं। गंभीर मरीजों के मामले में यह स्थिति और चिंता बढ़ाने वाली हो सकती है।
इस मार्ग की एक खास बात यह भी है कि सर्किट हाउस इसी रास्ते पर स्थित है। यहां अक्सर नेता और अन्य महत्वपूर्ण लोग ठहरते हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है।
लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से नगर परिषद से सड़क की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या अभी तक बनी हुई है। नई-नई नगर परिषदें आती रहीं, लेकिन सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।
नगर परिषद के उपाध्यक्ष प्रदीप सहोत्रा ने कहा कि नई नगर परिषद ने हाल ही में कार्यभार संभाला है। उनके अनुसार यह सड़क काफी वर्षों से बदहाल है।
उन्होंने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए प्रपोजल तैयार कर सरकार को भेजा जाएगा, ताकि आवश्यक फंड की व्यवस्था हो सके और सड़क की हालत सुधारी जा सके।
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