{"_id":"6aa794666ebe0ae46701442a","slug":"video-hindi-diwas-kavi-sammelan-organised-in-nahan-sirmaur-2026-09-14","type":"video","status":"publish","title_hn":"सिरमौर: हिंदी दिवस पर नाहन में सजा कवि सम्मेलन, नवोदित रचनाकारों ने भी सुनाईं कविताएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिरमौर: हिंदी दिवस पर नाहन में सजा कवि सम्मेलन, नवोदित रचनाकारों ने भी सुनाईं कविताएं
Ankesh Dogra
Updated Mon, 14 Sep 2026 11:59 AM IST
Link Copied
हिंदी दिवस के अवसर पर शंखनाद सामाजिक संगठन की ओर से नाहन में जिलास्तरीय कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे वरिष्ठ साहित्यकारों, कवियों और लेखकों के साथ नवोदित रचनाकारों ने भी अपनी रचनाओं से साहित्य प्रेमियों को प्रभावित किया।
कार्यक्रम में आईटीआई नाहन के प्रधानाचार्य एवं समाजसेवी अशरफ अली मुख्य अतिथि रहे। कुल्लू के साहित्यकार एवं आलोचक गणेश गनी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि साहित्यकार दिलीप वशिष्ठ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। प्रसिद्ध कवि एवं मंच संचालक भुवन जोशी ने अपनी प्रभावी संचालन शैली से सम्मेलन को रोचक बनाए रखा।
मुख्य अतिथि अशरफ अली ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। उन्होंने हिंदी भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि गणेश गनी ने कहा कि हिंदी दिवस को केवल एक दिन तक सीमित नहीं रखना चाहिए। हिंदी को दैनिक जीवन, व्यवहार और अभिव्यक्ति का हिस्सा बनाना जरूरी है।
अध्यक्षीय संबोधन में साहित्यकार दिलीप वशिष्ठ ने हिंदी को राष्ट्रीय पहचान और भावबोध की सशक्त प्रहरी बताया। उन्होंने कहा कि हिंदी साहित्य समाज की संवेदनाओं, संघर्षों और सांस्कृतिक विविधता को प्रभावी ढंग से सामने लाने का कार्य करता है।
संगठन के निदेशक-संपादक डॉ. श्रीकांत अकेला ने संस्था की ओर से किए जा रहे सामाजिक और साहित्यिक कार्यों की जानकारी दी। सम्मेलन की खासियत यह रही कि करीब एक दर्जन नवोदित रचनाकारों ने भी मंच पर अपनी कविताएं और रचनाएं प्रस्तुत कीं। तुषार चौहान, अनुज कुमार, ब्रह्मांश, गौरव पुंडीर, ऋषिका भगत, शिवांगी शर्मा और शिवानी चौहान सहित अन्य रचनाकारों ने काव्यपाठ किया।
नवोदित कवियों की प्रस्तुतियों को उपस्थित साहित्यकारों और श्रोताओं ने सराहा। संस्था की ओर से नवोदित रचनाकारों को सम्मानित भी किया गया। इससे युवा लेखकों और कवियों को आगे साहित्य सृजन के लिए प्रोत्साहन मिला।
कार्यक्रम के अंत में महासचिव मौ. कय्यूम सैय्यद ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों, प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर साहित्यकार, शिक्षाविद, समाजसेवी तथा विभिन्न सामाजिक और साहित्यिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।