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मंडी: लडभड़ोल में बदहाल सुविधाओं पर फूटा गुस्सा, पंचायत प्रतिनिधियों ने दी संधोल की तर्ज पर आंदोलन की चेतावनी
Ankesh Dogra
Updated Sun, 20 Sep 2026 03:50 PM IST
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लडभड़ोल तहसील क्षेत्र की 12 ग्राम पंचायतों में बुनियादी और प्रशासनिक सुविधाओं की स्थिति को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों का गुस्सा सामने आया है। रविवार को पूर्व जिला परिषद सदस्य संजीव शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधियों ने कई मुद्दों को लेकर प्रस्ताव पारित करते हुए सरकार से जल्द समाधान की मांग उठाई।
बैठक में जोगिंदरनगर से आरसीएफसी संस्थान को अन्यत्र स्थानांतरित करने के निर्णय का भी विरोध किया गया। पंचायत प्रतिनिधियों ने मांग की कि संस्थान को क्षेत्र में ही बनाए रखा जाए, ताकि स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिलता रहे।
क्षेत्र के सरकारी महाविद्यालय की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई। प्रतिनिधियों के अनुसार लडभड़ोल कॉलेज में पिछले चार वर्षों से अंग्रेजी और इतिहास के प्रोफेसर उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, पिछले एक वर्ष से राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर का पद भी खाली है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने का मुद्दा बैठक में उठाया गया।
लडभड़ोल अस्पताल की व्यवस्था को लेकर भी पंचायत प्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। बैठक में बताया गया कि अस्पताल में छह डॉक्टरों और खंड चिकित्सा अधिकारी के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल दो डॉक्टर ही तैनात हैं।
प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि अस्पताल में तैनात डॉक्टरों के लिए आवास की पर्याप्त सुविधा नहीं है। उनका कहना है कि चिकित्सकों की कमी के कारण क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में क्षेत्र की खस्ताहाल सड़कों का मुद्दा भी उठाया गया। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित है। उन्होंने सांडा, सिमस, फगड़ा, हरिद्वार और खुड्डी-मंडी सहित बंद पड़े बस रूटों को बहाल करने की मांग की।
बिजली व्यवस्था से जुड़े मुद्दे पर प्रतिनिधियों ने बताया कि बिजली बोर्ड के कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर जोगिंदरनगर भेजे गए हैं। इससे लडभड़ोल क्षेत्र में कर्मचारियों की उपलब्धता प्रभावित होने की बात कही गई।
राजस्व संबंधी कामकाज को लेकर भी पंचायत प्रतिनिधियों ने चिंता जताई। उनके अनुसार लडभड़ोल तहसील कार्यालय में कानूनगो और पटवारियों के आधे से अधिक पद खाली हैं। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से इन रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की।
बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की समस्याओं का जल्द समाधान होना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और संबंधित विभागों की ओर से समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो संधोल की तर्ज पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से लडभड़ोल क्षेत्र की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने और रिक्त पदों को भरने के साथ बंद बस सेवाओं को बहाल करने की मांग की है।
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