{"_id":"6a9e83fc6c65f8d07a02e6cf","slug":"video-mid-day-meal-food-safety-hygiene-training-dharamshala-140-workers-2026-09-07","type":"video","status":"publish","title_hn":"कांगड़ा: मिड-डे मील की गुणवत्ता और स्वच्छता पर जोर, 140 कार्यकर्ताओं को दिया फूड सेफ्टी प्रशिक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांगड़ा: मिड-डे मील की गुणवत्ता और स्वच्छता पर जोर, 140 कार्यकर्ताओं को दिया फूड सेफ्टी प्रशिक्षण
Ankesh Dogra
Updated Mon, 07 Sep 2026 02:59 PM IST
Link Copied
विद्यार्थियों को मिलने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रविवार को धर्मशाला स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र) में मिड-डे मील कार्यकर्ताओं के लिए फूड सेफ्टी और हाइजीन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण शिविर में करीब 140 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक संजय ठाकुर ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं को फल-सब्जियों की खरीद से लेकर भोजन पकाने, उसके भंडारण और बच्चों को परोसने तक बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि भोजन की गुणवत्ता केवल उसके स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका सुरक्षित और स्वच्छ होना सबसे अधिक जरूरी है। प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं को बाजार से फल और सब्जियां खरीदते समय उनकी गुणवत्ता जांचने, रसोई और बर्तनों की नियमित साफ-सफाई रखने तथा भोजन तैयार करने से पहले और बाद में हाथ धोने के निर्देश दिए गए।
कार्यकर्ताओं को भोजन तैयार करने में केवल स्वच्छ पानी का इस्तेमाल करने और खाद्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखने के बारे में भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने कहा कि मिड-डे मील कार्यकर्ता सीधे बच्चों के संपर्क में रहते हैं। ऐसे में उन्हें खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।
सहायक निदेशक ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से स्कूलों में भोजन सुरक्षा के मानक मजबूत होंगे। साथ ही, बच्चों में भी छोटी उम्र से ही स्वच्छ और सुरक्षित खान-पान की आदतें विकसित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उन्हें पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से अब विद्यार्थियों को अंडा दिया जाएगा। वहीं, जो बच्चे अंडा नहीं खाते हैं, उन्हें मौसमी फल वितरित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाकर उनके बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।