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गुजरात के छोटे गांव से अमेरिका तक का सफर: कौन हैं करीम मरेडिया? जिन्हें मिलेगा बोरलॉग कास्ट संचार पुरस्कार
Mon, 07 Sep 2026 08:46 PM IST
देवेश त्रिपाठी
पीटीआई, वॉशिंगटन
पीटीआई, वॉशिंगटन
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Mon, 07 Sep 2026 08:46 PM IST
सार
भारतीय मूल के अमेरिकी कृषि वैज्ञानिक करीम मरेडिया को नॉर्मन बोरलॉग के सम्मान में दिए जाने वाले बोरलॉग कास्ट संचार पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह सम्मान वैज्ञानिक ज्ञान को समुदायों और नीति निर्माताओं तक पहुंचाने में उनके योगदान के लिए दिया जाएगा। मरेडिया तीन दशक से अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय कृषि, विज्ञान संचार और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
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भारतीय मूल के अमेरिकी कृषि वैज्ञानिक करीम मरेडिया
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
भारतीय मूल के अमेरिकी कृषि वैज्ञानिक करीम मरेडिया को हरित क्रांति के जनक और नोबेल पुरस्कार विजेता नॉर्मन बोरलॉग के सम्मान में दिए जाने वाले बोरलॉग कास्ट संचार पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह कृषि क्षेत्र का सर्वोच्च पुरस्कार कहा जाता है।
आयोवा स्थित काउंसिल फॉर एग्रीकल्चरल साइंस एंड टेक्नोलॉजी (कास्ट) की ओर से दिया जाने वाला यह पुरस्कार मरेडिया को 10 दिसंबर को यहां कांग्रेस पुस्तकालय में प्रदान किया जाएगा। मरेडिया मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड नेचुरल रिसोर्सेज में प्रोफेसर, एसोसिएट डीन और वर्ल्ड एग्रीकल्चर सेंटर के निदेशक हैं।
कास्ट ने बताया क्यों दिया मरेडिया को पुरस्कार?
कास्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस बूम्समा ने कहा, "बोरलॉग कास्ट संचार पुरस्कार करीम मरेडिया जैसे वैज्ञानिकों के लिए है, जो मानते हैं कि शोध तभी अपने उद्देश्य को पूरा करता है, जब वह उन लोगों तक पहुंचे, जिनके लिए उसे किया गया है।"
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कास्ट ने कहा कि मरेडिया को वैज्ञानिक ज्ञान को सभी के लिए उपलब्ध मानने और प्रयोगशाला से आगे समुदायों तथा नीति निर्माताओं तक इसे पहुंचाने की सोच के लिए सम्मानित किया जाएगा। तीन दशकों के दौरान क्षमता निर्माण, अंतरराष्ट्रीय ज्ञान के आदान-प्रदान और विज्ञान कूटनीति के क्षेत्र में उनका काम इस पुरस्कार के उद्देश्य को दर्शाता है।
कौन हैं करीम मरेडिया?
मरेडिया ने किन-किन विषयों में की पीएचडी?
तीन महाद्वीपों में शिक्षा हासिल करने वाले मरेडिया ने भारत के बालासाहेब सावंत कोंकण कृषि विद्यापीठ से कृषि में स्नातक, अलबामा ए एंड एम यूनिवर्सिटी से एकीकृत कीट प्रबंधन में परास्नातक और यूनिवर्सिटी ऑफ अर्कांसस से पादप प्रजनन तथा एकीकृत कीट प्रबंधन में पीएचडी की है।
मरेडिया वर्तमान में भारत की नेशनल एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज में विदेश सचिव, अफ्रीकी संघ के उभरती प्रौद्योगिकियों पर उच्च स्तरीय पैनल के सदस्य और वर्ल्ड एग्रीकल्चर फोरम की वैश्विक परिषद के सदस्य हैं। उनके कार्यक्रमों के लिए बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन, अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी, अमेरिकी कृषि विभाग, विश्व बैंक, रॉकफेलर फाउंडेशन, क्रॉपलाइफ इंटरनेशनल और विनरॉक इंटरनेशनल सहित अन्य संस्थाओं से 5.5 करोड़ डॉलर से अधिक की राशि जुटाई गई है।
पुरस्कार मिलने पर क्या बोले करीम मरेडिया?
मरेडिया ने एक बयान में कहा, "यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिलना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है और मैं इससे बेहद विनम्र महसूस कर रहा हूं। यह पुरस्कार केवल मेरे व्यक्तिगत प्रयासों का सम्मान नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार साझेदारी, सहयोग और साझा दृष्टिकोण की स्थायी ताकत का भी सम्मान करता है।"
उन्होंने कहा, "यह खाद्य सुरक्षा वाली दुनिया के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को आगे बढ़ाने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही यह विज्ञान और समाज के बीच संपर्क स्थापित करने में प्रभावी संचार की महत्वपूर्ण भूमिका को भी मान्यता देता है।" इस अवसर पर उन्होंने अपने सहयोगियों, साझेदारों और साथ काम करने वाले लोगों का भी आभार जताया।
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आयोवा स्थित काउंसिल फॉर एग्रीकल्चरल साइंस एंड टेक्नोलॉजी (कास्ट) की ओर से दिया जाने वाला यह पुरस्कार मरेडिया को 10 दिसंबर को यहां कांग्रेस पुस्तकालय में प्रदान किया जाएगा। मरेडिया मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड नेचुरल रिसोर्सेज में प्रोफेसर, एसोसिएट डीन और वर्ल्ड एग्रीकल्चर सेंटर के निदेशक हैं।
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कास्ट ने बताया क्यों दिया मरेडिया को पुरस्कार?
कास्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस बूम्समा ने कहा, "बोरलॉग कास्ट संचार पुरस्कार करीम मरेडिया जैसे वैज्ञानिकों के लिए है, जो मानते हैं कि शोध तभी अपने उद्देश्य को पूरा करता है, जब वह उन लोगों तक पहुंचे, जिनके लिए उसे किया गया है।"
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कास्ट ने कहा कि मरेडिया को वैज्ञानिक ज्ञान को सभी के लिए उपलब्ध मानने और प्रयोगशाला से आगे समुदायों तथा नीति निर्माताओं तक इसे पहुंचाने की सोच के लिए सम्मानित किया जाएगा। तीन दशकों के दौरान क्षमता निर्माण, अंतरराष्ट्रीय ज्ञान के आदान-प्रदान और विज्ञान कूटनीति के क्षेत्र में उनका काम इस पुरस्कार के उद्देश्य को दर्शाता है।
कौन हैं करीम मरेडिया?
- डेयरी किसान के बेटे मरेडिया का जन्म गुजरात के एक छोटे गांव में हुआ था। उन्होंने मैक्सिको स्थित इंटरनेशनल मेज एंड व्हीट इम्प्रूवमेंट सेंटर में शोध वैज्ञानिक के रूप में काम करने के बाद 1989 में मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी से जुड़कर अंतरराष्ट्रीय कृषि में विज्ञान संचार का व्यापक कार्यक्रम विकसित करने की दिशा में काम शुरू किया। उन्हें इस क्षेत्र में 35 साल से अधिक का अनुभव है।
- वर्ल्डटैप यानी वर्ल्ड नॉलेज एंड टेक्नोलॉजी एक्सेस प्रोग्राम के निदेशक के तौर पर उन्होंने 60 से अधिक देशों की यात्रा की है। इस दौरान उन्होंने वैश्विक कृषि समुदाय तक ज्ञान, जानकारी और नई तकनीकों को पहुंचाने का काम किया।
- मरेडिया ने 130 शोध पत्र, नीति दस्तावेज और पुस्तक अध्याय लिखे हैं। उन्होंने एकीकृत कीट प्रबंधन, तकनीक हस्तांतरण और कृषि विस्तार से जुड़े आठ पुस्तकों का सह-संपादन भी किया है।
- उनके काम को अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी, अमेरिकी कृषि विभाग, संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन, विश्व बैंक, रॉकफेलर फाउंडेशन, विनरॉक इंटरनेशनल और गेट्स फाउंडेशन सहित कई संस्थाओं का समर्थन मिला है।
मरेडिया ने किन-किन विषयों में की पीएचडी?
तीन महाद्वीपों में शिक्षा हासिल करने वाले मरेडिया ने भारत के बालासाहेब सावंत कोंकण कृषि विद्यापीठ से कृषि में स्नातक, अलबामा ए एंड एम यूनिवर्सिटी से एकीकृत कीट प्रबंधन में परास्नातक और यूनिवर्सिटी ऑफ अर्कांसस से पादप प्रजनन तथा एकीकृत कीट प्रबंधन में पीएचडी की है।
मरेडिया वर्तमान में भारत की नेशनल एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज में विदेश सचिव, अफ्रीकी संघ के उभरती प्रौद्योगिकियों पर उच्च स्तरीय पैनल के सदस्य और वर्ल्ड एग्रीकल्चर फोरम की वैश्विक परिषद के सदस्य हैं। उनके कार्यक्रमों के लिए बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन, अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी, अमेरिकी कृषि विभाग, विश्व बैंक, रॉकफेलर फाउंडेशन, क्रॉपलाइफ इंटरनेशनल और विनरॉक इंटरनेशनल सहित अन्य संस्थाओं से 5.5 करोड़ डॉलर से अधिक की राशि जुटाई गई है।
पुरस्कार मिलने पर क्या बोले करीम मरेडिया?
मरेडिया ने एक बयान में कहा, "यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिलना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है और मैं इससे बेहद विनम्र महसूस कर रहा हूं। यह पुरस्कार केवल मेरे व्यक्तिगत प्रयासों का सम्मान नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार साझेदारी, सहयोग और साझा दृष्टिकोण की स्थायी ताकत का भी सम्मान करता है।"
उन्होंने कहा, "यह खाद्य सुरक्षा वाली दुनिया के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को आगे बढ़ाने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही यह विज्ञान और समाज के बीच संपर्क स्थापित करने में प्रभावी संचार की महत्वपूर्ण भूमिका को भी मान्यता देता है।" इस अवसर पर उन्होंने अपने सहयोगियों, साझेदारों और साथ काम करने वाले लोगों का भी आभार जताया।