{"_id":"6aa7c166603de206ef0c31ac","slug":"video-bilaspur-poshan-maah-dc-rahul-kumar-lakhanpur-anganwadi-inspection-2026-09-14","type":"video","status":"publish","title_hn":"बिलासपुर: पोषण माह कार्यक्रम में लखनपुर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे उपायुक्त राहुल कुमार, गर्भवती महिला की करवाई गोद भराई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिलासपुर: पोषण माह कार्यक्रम में लखनपुर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे उपायुक्त राहुल कुमार, गर्भवती महिला की करवाई गोद भराई
Ankesh Dogra
Updated Mon, 14 Sep 2026 03:11 PM IST
Link Copied
पोषण माह अभियान के तहत जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के सौजन्य से लखनपुर आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर बच्चों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों, अभिभावकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों से संवाद किया।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने गर्भवती महिला की गोद भराई की रस्म भी निभाई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह का उद्देश्य केवल लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करना नहीं, बल्कि खान-पान और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। इससे कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं की प्रभावी रोकथाम की जा सकती है।
राहुल कुमार ने कहा कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दिए जाने वाले भोजन में पोषक तत्वों की मात्रा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। भोजन की मात्रा के साथ उसकी गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खान-पान पद्धति में कई ऐसे स्थानीय खाद्य पदार्थ शामिल रहे हैं, जो पोषण की दृष्टि से बेहद उपयोगी हैं। बदलती जीवनशैली के कारण लोग इन खाद्य पदार्थों से दूर होते जा रहे हैं और बाहर के भोजन पर निर्भरता बढ़ रही है।
उपायुक्त ने हरी पत्तेदार सब्जियों, स्थानीय अनाज, दालों, मौसमी फलों, दूध और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने महिलाओं और गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समस्या पर चिंता जताते हुए इस दिशा में विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने संतुलित आहार, पर्याप्त आयरन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता के साथ समय पर स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जीवन के शुरुआती वर्षों में बच्चे का शारीरिक और मस्तिष्क विकास तेजी से होता है। ऐसे में बच्चों को पौष्टिक और प्रोटीन युक्त आहार देना जरूरी है। अभिभावकों को बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और उसमें विविधता पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि बच्चे के विकास की प्रारंभिक अवस्था को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उचित पोषण, देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं से इसी अवस्था में बच्चे के स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव रखी जाती है। उन्होंने माताओं, अभिभावकों और परिवारों से बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं के आहार में पोषण गुणवत्ता को प्राथमिकता देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि स्थानीय और पारंपरिक पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक भोजन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। सही उम्र में सही पोषण ही स्वस्थ बचपन, बेहतर शिक्षा और मजबूत भविष्य की आधारशिला है। कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है।
इससे पहले जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और पोषण माह अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।