{"_id":"698afdd1cd64015a3d0f37f9","slug":"video-bilaspur-minister-rajesh-dharmani-said-the-economic-challenges-arising-from-the-end-of-rdg-are-a-legacy-2026-02-10","type":"video","status":"publish","title_hn":"Bilaspur: मंत्री राजेश धर्माणी बोले- आरडीजी खत्म होने से उपजी आर्थिक चुनौतियां विरासत की देन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur: मंत्री राजेश धर्माणी बोले- आरडीजी खत्म होने से उपजी आर्थिक चुनौतियां विरासत की देन
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट समाप्त होने के बाद जो आर्थिक विषमताएं सामने आई हैं, वे मौजूदा सरकार की नहीं बल्कि पिछली सरकारों की लेगेसी इश्यूज का नतीजा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने कार्यकाल के कुप्रबंध का ठीकरा अब कांग्रेस सरकार के सिर फोड़ने की कोशिश कर रही है। बिलासपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में राजेश धर्माणी ने कहा कि वर्ष 2017 से 2022 के बीच भाजपा सरकार को केंद्र से 16 हजार करोड़ जीएसटी क्षतिपूर्ति और लगभग 50 हजार करोड़ आरडीजी ग्रांट्स प्राप्त हुए, लेकिन इस राशि का उपयोग आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने के बजाय नॉन-प्लान एक्सपेंडिचर में कर दिया गया। यदि इस धन का 25 प्रतिशत भी उत्पादक क्षेत्रों में निवेश किया जाता तो आज प्रदेश की स्थिति कहीं बेहतर होती। उन्होंने कहा कि हिमाचल और नागालैंड ऐसे दो राज्य हैं, जिनके बजट का लगभग 12.75 प्रतिशत हिस्सा आरडीजी ग्रांट्स पर निर्भर था। इसके बावजूद 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट, जिसके तहत आरडीजी समाप्त करने का फैसला लिया गया, संसद से पारित होने के समय हिमाचल के किसी भी भाजपा सांसद ने इसका विरोध नहीं किया। मंत्री ने इस पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि इसका सीधा असर राज्य के विकास पर पड़ा है। राजेश धर्माणी ने स्पष्ट किया कि सरकार इन चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार एक योद्धा की तरह हालात का सामना करेगी। आम जनता, गरीब वर्ग और कर्मचारियों के हितों पर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां अनुत्पादक खर्च, भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे और गैर-जरूरी एक्सपेंडिचर हैं, वहां कटौती की जाएगी। उन्होंने बताया कि भत्तों, टेलीफोन अलाउंस, अतिरिक्त सरकारी गाड़ियों और बोर्ड-कॉरपोरेशन से जुड़े खर्चों की समीक्षा पर भी विचार किया जा रहा है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।