{"_id":"6ac20e90e6d6b9d61504d15d","slug":"video-bilaspur-fishermen-protest-against-outside-state-fish-sale-october-7-2026-10-04","type":"video","status":"publish","title_hn":"बिलासपुर: बाहरी राज्यों की मछली पर रोक नहीं लगी तो 7 अक्तूबर से धरने पर बैठेंगे मछुआरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिलासपुर: बाहरी राज्यों की मछली पर रोक नहीं लगी तो 7 अक्तूबर से धरने पर बैठेंगे मछुआरे
हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों से मछली लाकर बेचने के मुद्दे को लेकर मछुआरों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। गोबिंद सागर फिशरीज को-ऑपरेटिव मार्केटिंग एंड सप्लाई फेडरेशन लिमिटेड ने मांग की है कि दूसरे राज्यों से हिमाचल में लाई जा रही मछली की बिक्री पर रोक लगाई जाए। रविवार को बिलासपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में फेडरेशन के चेयरमैन विजय पाल नाग और मुनीर अख्तर लाली ने कहा कि यदि सरकार और मत्स्य विभाग ने इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाया तो 7 अक्तूबर से मछुआरों के प्रतिनिधियों के साथ धरना शुरू किया जाएगा। फेडरेशन के चेयरमैन विजय पाल नाग ने आरोप लगाया कि ठेकेदार स्थानीय मछुआरों से उनकी पकड़ी हुई मछली खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। उनका दावा है कि इसके बजाय पंजाब, चंडीगढ़, लुधियाना, दिल्ली और जम्मू समेत अन्य क्षेत्रों से मछली हिमाचल लाई जा रही है और उसे कम कीमत पर बाजार में बेचा जा रहा है। फेडरेशन का कहना है कि इससे गोबिंद सागर और प्रदेश के अन्य जलाशयों पर निर्भर मछुआरा परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर मछली की खरीद सुनिश्चित होने से मछुआरों को अपनी उपज का उचित बाजार मिल सकेगा। फेडरेशन पदाधिकारियों के अनुसार इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजा गया है। इसमें बाहरी राज्यों से आने वाली मछली की प्रक्रिया की जांच और हिमाचल की सीमाओं पर इसकी निगरानी की व्यवस्था करने की मांग की गई है। फेडरेशन ने यह भी मांग उठाई है कि बाहरी मछली की नीलामी प्रक्रिया की जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश के स्थानीय मछुआरों द्वारा पकड़ी गई मछली की खरीद प्राथमिकता के आधार पर हो। फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि यदि 7 अक्तूबर तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो मछुआरों के प्रतिनिधि मत्स्य विभाग के मुख्य कार्यालय में धरना देंगे। फेडरेशन पदाधिकारियों ने कहा कि मांगों की अनदेखी जारी रहने पर आंदोलन को आगे भी बढ़ाया जाएगा। फिलहाल मछुआरों की नजर सरकार और मत्स्य विभाग की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है। फेडरेशन का कहना है कि जलाशयों में मछली पकड़ने का काम कई परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में यदि स्थानीय मछली की खरीद प्रभावित होती है तो इसका सीधा असर इन परिवारों की आय पर पड़ सकता है। फेडरेशन ने सरकार से स्थानीय मछुआरों के हितों को ध्यान में रखते हुए बाहरी मछली की आवक, उसकी खरीद-बिक्री और नीलामी प्रक्रिया की जांच करने तथा स्थानीय मछली की खरीद सुनिश्चित करने की मांग की है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।