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Bilaspur News: इस माह होगी स्कूलों की स्वच्छता और हरियाली की परीक्षा

Sun, 04 Oct 2026 11:53 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2026 11:53 PM IST
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Schools to undergo cleanliness and greenery assessment this month.
31 अक्तूबर तक सरकारी और निजी विद्यालयों का होगा मूल्यांकन
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स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, हरियाली और कचरा प्रबंधन के साथ पर्यावरणीय गतिविधियां भी परखी जाएंगी
बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालय राज्य स्तर की रेटिंग के लिए होंगे नामांकित, नवंबर में जारी हो सकती है सूची

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के सरकारी और निजी विद्यालयों में इस माह स्वच्छता और हरियाली की परीक्षा होगी। स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग के तहत विद्यालयों का जिला स्तर पर मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए विद्यालयों का पंजीकरण पहले ही करवाया जा चुका है। अब 31 अक्तूबर तक स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को राज्य स्तर की रेटिंग के लिए नामांकित किया जाएगा।
स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग में केवल साफ-सफाई के आधार पर अंक नहीं दिए जाएंगे। विद्यालय परिसर में हरियाली, विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित पेयजल, शौचालयों की उपलब्धता और स्वच्छता, कचरा प्रबंधन तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए की गई व्यवस्थाओं को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने के साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
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रेटिंग में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को भी महत्व दिया है। मिशन लाइफ के तहत स्कूलों में किए जा रहे कार्य, जल संरक्षण, स्वच्छता अभियान और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों का आकलन किया जाएगा। इसके अलावा पर्यावरण क्लब की गतिविधियां, बाल मंत्रिमंडल की भूमिका और जीवन कौशल गतिविधियों में विद्यार्थियों की भागीदारी को भी रेटिंग का हिस्सा बनाया गया है।
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पोर्टल पर गतिविधियों का दर्ज करना होगा ब्योरा
स्कूलों को इन गतिविधियों का विवरण संबंधित पोर्टल पर दर्ज करना होगा। विद्यालयों में चलाए अभियानों, विद्यार्थियों की भागीदारी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों का अभिलेख भी तैयार रखना होगा। इससे यह आकलन किया जा सकेगा कि स्वच्छता और हरित गतिविधियां केवल रेटिंग के लिए हो रही हैं या उन्हें नियमित गतिविधियों का हिस्सा बनाया गया है।
सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के प्रभारी और प्रधानाचार्यों को विद्यालय की विशिष्ट पहचान संख्या के माध्यम से स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग के पोर्टल अथवा मोबाइल अनुप्रयोग पर पंजीकरण करवाने के निर्देश दिए गए थे। पंजीकरण के बाद उपलब्ध करवाई जानकारी और निर्धारित मानकों के आधार पर जिला स्तर पर मूल्यांकन होगा। जिला स्तर पर मूल्यांकन की प्रक्रिया 31 अक्तूबर तक पूरी की जानी है। इसके बाद बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों का चयन कर उन्हें राज्य स्तर की रेटिंग के लिए नामांकित किया जाएगा। नवंबर में चयनित विद्यालयों की सूची जारी होने की संभावना है।

उप निदेशक गुणवत्ता एवं जिला परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा निशा गुप्ता ने कहा कि स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग का उद्देश्य विद्यालयों में स्वच्छ, सुरक्षित, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल वातावरण विकसित करना है। इसके लिए सभी विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। कार्यक्रम समन्वयक नरबीर चंदेल ने बताया कि पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालयों को रेटिंग में प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। मीडिया समन्वयक दिग्विजय मल्होत्रा ने यह जानकारी दी।
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