Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Rohtak News
›
world has adopted the UPI model, yet traders are unhappy; this issue was discussed at an *Amar Ujala* dialogue event in Rohtak
{"_id":"6aae502e46e272da8104f916","slug":"video-world-has-adopted-the-upi-model-yet-traders-are-unhappy-this-issue-was-discussed-at-an-amar-ujala-dialogue-event-in-rohtak-2026-09-19","type":"video","status":"publish","title_hn":"यूपीआई मॉडल को दुनिया ने अपनाया लेकिन व्यापारी नाराज, रोहतक में अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में हुई चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपीआई मॉडल को दुनिया ने अपनाया लेकिन व्यापारी नाराज, रोहतक में अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में हुई चर्चा
डी पार्क स्थित डंग टॉवर में अमर उजाला की ओर से शनिवार को संवाद कार्यक्रम का किया गया। कार्यक्रम में शहर के कारोबारियों, व्यापारियों और अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया और केंद्र सरकार की ओर से यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगाए गए मर्चेंट टैक्स को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।
संवाद के दौरान राष्ट्रीय व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष गुलशन डंग ने कहा कि सरकार के मंत्री या प्रवक्ता व्यापारी को व्यापारी न बोलकर मर्चेंट बोलते हैं। यह लोगों को गुमराह करने की नीति है। उन्होंने कहा कि यूपीआई मॉडल को पूरी दुनिया में पसंद किया जा रहा था लेकिन वर्तमान सरकार ने उस मॉडल को नुकसान पहुंचाया है।
वहीं, व्यापारियों का कहना था कि यह टैक्स एक तरह का नशा है जो पहले शरीर में डाला गया और अब आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। यह पूरी तरह गलत है और सीधे तौर पर कॉरपोरेट और ई-कॉमर्स कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाला कदम है। वक्ताओं ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसी के हिसाब से सैकड़ों व्यापारी पहले से ही परेशान हैं।
खुदरा व्यापार पहले से ही ई-कॉमर्स के कारण डैमेज हो चुका है और आम व्यापारी मुश्किल में है। ऊपर से यूपीआई पर टैक्स का बोझ लाद दिया गया है। आज हर व्यक्ति को ट्रांजैक्शन करना ही पड़ता है, इसे सिंपल चार्ज बताकर लागू कर दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इसे बिना किसी 6 महीने के पूर्व प्रस्ताव या चर्चा के अचानक लागू कर रही है, जिससे व्यापारी अपना पक्ष भी नहीं रख पा रहे हैं।
सरकार का कहना है कि इसका असर लोवर क्लास पर नहीं पड़ेगा और इसे व्यापारी को अपनी जेब से देना होगा, लेकिन हकीकत में इसका पूरा बोझ अंत में आम उपभोक्ता और गरीब वर्ग पर ही जाएगा। इस दौरान सीए अमन, सीए निखिल तंवर, अशोक जांगड़ा, सरदार जसबीर सिंह अनेजा, अमित गुलाटी, गुलशन जुनेजा, सुरेंद्र सैनी, राजीव अत्री, मनमोहन आजाद, ग्रीस गुलाटी, सुनील बड़क, कपिल खन्ना, मनोहर लाल, पवन आदि मौजूद रहे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।