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दिल्ली एसआईआर: सीएम रेखा गुप्ता से लेकर केजरीवाल के परिवार तक को नोटिस, 47.56 लाख नाम हटे; जानें पूरा मामला
Sat, 19 Sep 2026 07:46 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Sat, 19 Sep 2026 07:46 PM IST
सार
दिल्ली में एसआईआर के नोटिस पाने वाले मतदाताओं की सूची में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और अरविंद केजरीवाल का परिवार भी शामिल है। आखिर किन विसंगतियों के आधार पर भेजे गए नोटिस? कितने नाम हटे और कितने मतदाताओं के रिकॉर्ड पर सवाल हैं? जानिए पूरी जानकारी।
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सीएम रेखा गुप्ता और आप नेता अरविंद केजरीवाल
- फोटो : अमर उजाला GFX
विस्तार
दिल्ली में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत नोटिस पाने वाले मतदाताओं में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नाम भी सूची में सामने आए हैं। रेखा गुप्ता के रिकॉर्ड में अभिभावक और उनके बीच उम्र का अंतर 15 वर्ष से कम दर्ज होने को विसंगति का आधार बताया गया है।
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वहीं अरविंद केजरीवाल के साथ उनके पिता गोबिंद राम केजरीवाल, मां गीता देवी, पत्नी सुनीता केजरीवाल और बेटे पुलकित केजरीवाल के नाम भी पिछली एसआईआर से मैपिंग नहीं होने की श्रेणी में दिखाए गए हैं। हालांकि, नोटिस जारी होना मतदाता के अयोग्य घोषित होने के बराबर नहीं है।
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ऐसे मतदाताओं को अपनी पात्रता और रिकॉर्ड स्पष्ट करने का अवसर दिया जा रहा है। दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में 47.56 लाख नाम बाहर हुए हैं, जबकि करीब 33.13 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में नो मैपिंग या लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी चिन्हित की गई है। इस बीच, नोटिस पाने वालों के नाम और नोटिस के आधार सार्वजनिक नहीं करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी पहुंची है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 19 सितंबर को बूथवार विसंगति संबंधी डेटा प्रकाशित किया है।
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वहीं पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को एसआईआर के तहत जारी नोटिस के मामले में नई दिल्ली के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) ने कहा है कि जमा किए गए गणना प्रपत्रों में वे आवश्यक विवरण पूरे नहीं थे, जिनके आधार पर उनका संबंधित राज्यों की पिछली मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ाव किया जा सकता।
नई दिल्ली के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी ने एक प्रेस बयान में आगे कहा कि निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा तय और साझा की गई प्रक्रिया के तहत उन मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिनका पिछली मतदाता सूची के पुनरीक्षण से मिलान नहीं हो सका है। साथ ही, उन मतदाताओं को भी नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिनके पिछले पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मिलान में तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं।