छात्रों की गूंज: 'भ्रष्ट परीक्षा व्यवस्था का खामियाजा बच्चे भुगत रहे', राहुल के भाषण की पांच बड़ी बातें
राहुल गांधी ने इंदौर में शिक्षा व्यवस्था, बजट और परीक्षा प्रणाली को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने शिक्षा बजट घटने, पेपर लीक और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। राहुल ने कहा कि शिक्षा हर छात्र का अधिकार है और सरकार की जिम्मेदारी है।
विस्तार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की शिक्षा व्यवस्था को चलाने की जिम्मेदारी सरकार की होती है, लेकिन देश में इसका उलटा हो रहा है। आइये भाषण की पांच बड़ी बातें जानते हैं।
1- पूरी व्यवस्था को रिवाइंड किया जा रहा है
राहुल गांधी ने कहा कि पहले देश में आईआईटी और स्कूल बनाए गए, लेकिन अब पूरी व्यवस्था को रिवाइंड किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “मैं आपको आंकड़े दिखाऊंगा। सबूत के साथ बताऊंगा कि शिक्षा कैसे बर्बाद हो रही है।” इसके बाद उन्होंने आंकड़ों की स्लाइड दिखाई।
राहुल ने दावा किया कि 2014 से पहले उनकी सरकार के समय बजट का 4.6 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च होता था, जबकि अब यह घटकर 2.6 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए जाने वाले 7.7 लाख करोड़ रुपए अरबपतियों के हाथ चले गए। राहुल ने इस दौरान अंबानी और अडाणी का भी नाम लिया।
2- ‘सिस्टम को स्टूडेंट से खतरा, क्योंकि वह सवाल पूछता है’
राहुल गांधी ने कहा कि सिस्टम को स्टूडेंट से खतरा है, क्योंकि स्टूडेंट सवाल पूछता है। उन्होंने कहा कि छात्र सवाल करता है कि अमित शाह के बेटे क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन कैसे बन गए? वह सवाल करता है कि हिंदुस्तान के पूरे बिजनेस को दो लोगों ने कैसे कैप्चर कर लिया? छात्र यह भी पूछता है कि न्यायपालिका और दूसरी संस्थाएं अपना काम क्यों नहीं करतीं और चुनाव आयोग अपना काम क्यों नहीं करता? राहुल ने कहा, “इसीलिए सिस्टम स्टूडेंट नहीं चाहता, सिस्टम अंधभक्त चाहता है।” उन्होंने कहा कि अंधभक्त स्टूडेंट के विपरीत होता है। जहां स्टूडेंट सवाल पूछता है और जिज्ञासु होता है, वहां अंधभक्त अपनी ही दुनिया में रहता है।
3- ‘स्टूडेंट मोहब्बत की बात करता है, अंधभक्त नफरत फैलाता है’
राहुल गांधी ने कहा कि जहां स्टूडेंट मोहब्बत की बात करता है और प्यार व सम्मान से बात करता है, वहां अंधभक्त नफरत फैलाता है। जहां स्टूडेंट विनम्र होता है और दूसरों की बात सुनता है, वहां अंधभक्त अहंकार से भरा होता है। उन्होंने कहा कि जहां स्टूडेंट डरता नहीं और निडर होता है, वहां अंधभक्त डरपोक होता है। राहुल के मुताबिक, जहां स्टूडेंट महिलाओं का सम्मान करता है, वहां अंधभक्त पितृसत्तात्मक सोच रखता है और महिलाओं पर हमला व उनका अपमान करता है। उन्होंने कहा कि जहां स्टूडेंट ईमानदार होता है, वहां अंधभक्त बेईमान और झूठा होता है।
4- सिस्टम पर भरोसा खत्म हो गया
परीक्षा व्यवस्था पर राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षाओं के दौरान कुछ अभ्यर्थियों की भी गलती हुई है, लेकिन कहीं न कहीं उनका सिस्टम पर भरोसा खत्म हो गया है। इस दौरान छात्रों की ओर से आवाज आई- “सर, हम सिस्टम से हार गए।” राहुल ने कहा कि सिस्टम के अंदर बैठे कुछ लोग भ्रष्ट हो जाते हैं और पैसे के चक्कर में पेपर लीक कर देते हैं। इससे लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता है। उन्होंने कहा कि अगर भ्रष्ट लोग परीक्षा व्यवस्था में रहेंगे और परीक्षा प्रणाली ही भ्रष्ट होगी, तो उसका नुकसान बच्चों को उठाना पड़ेगा।
5- ‘शिक्षा लग्जरी नहीं, हर स्टूडेंट का हक’
राहुल गांधी ने कहा कि स्टूडेंट देश का फाउंडेशन होता है और वही देश को बनाता है। शिक्षा कोई लग्जरी नहीं है, बल्कि हर स्टूडेंट का हक है। उन्होंने कहा कि किंडरगार्टन से मिड-डे मील, स्कूल, कॉलेज और फिर रोजगार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सरकार की है। राहुल ने कहा कि सरकार को शिक्षा का सिस्टम चलाना चाहिए, लेकिन देश में इसका उलटा हो रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा देश की नींव है और सरकार की जिम्मेदारी है कि हर छात्र को शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलें।
