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The 'One Rupee, One Brick' initiative will now be visible in Karnanagari, with Agrabandhu Chowk set to become a landmark.
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एक रुपया-एक ईंट की सोच अब कर्णनगरी में दिखेगी, अग्रबंधु चौक बनेगा पहचान
करनाल। किसी अनजान व्यक्ति के हाथ में एक रुपया रख देना और उसके घर की नींव के लिए एक ईंट दे देना आज के दौर में भले ही कहानी जैसा लगे, लेकिन अग्रोहा की यही परंपरा सहयोग और आत्मनिर्भरता की मिसाल मानी जाती है। इसी ऐतिहासिक सोच को अब कर्ण नगरी में स्थायी पहचान मिलने जा रही है। सेक्टर-7 और 8 के बीच मुख्य सड़क के मध्य अग्रवाल सभा सेक्टर-7 की ओर से अग्रबंधु चौक (एक रुपया-एक ईंट), महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा और अग्रवाटिका का निर्माण कराया गया है। इसका अनावरण 11 अक्तूबर को होगा।
कार्यक्रम में भाजपा की प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता और कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल मुख्य अतिथि होंगे। विधायक जगमोहन आनंद, मेयर रेणु बाला गुप्ता और भाजपा के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष बृज गुप्ता भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। अग्रवाल सभा सेक्टर-7 के प्रधान नीरज अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 2:30 बजे पूजन और हवन से होगी। इसके बाद शाम 3:30 बजे अतिथियों का स्वागत किया जाएगा और अग्रबंधु चौक का अनावरण होगा।
एक रुपया व्यापार की उम्मीद, एक ईंट घर का भरोसा
प्रधान नीरज अग्रवाल के अनुसार अग्रोहा की प्रेरणादायी परंपराओं में एक रुपया, एक ईंट की परंपरा विशेष रही है। मान्यता थी कि अग्रोहा में कोई व्यक्ति किसी भी जाति या धर्म का हो और वहां आकर बसता था तो स्थानीय परिवार उसे अपनी ओर से एक रुपया और एक ईंट देते थे। एक रुपये से नया व्यापार शुरू करने की उम्मीद और एक ईंट से घर बनाने का भरोसा दिया जाता था। इस परंपरा के पीछे केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि साथ खड़े होने का संदेश था। समाज नए व्यक्ति से यह कहता था कि वह अकेला नहीं है। उसे अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए सहयोग दिया जाएगा। इसी सोच को अग्रवाल सभा ने करनाल में चौक के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया है।
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