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बादली में एक गरीब का मंदिर बना ठिकाना, ग्रामीण बने सहारा; 77 की उम्र में पेंशन की आ
बादली। उम्र 77 साल, स्थायी पता बादली गांव और पिछले 20 वर्षों से मोहनदास मंदिर ही उनका आशियाना है। जीवन की इस अवस्था में जब सहारे की जरूरत सबसे ज्यादा है, तब राजे सरकारी पेंशन के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों की मदद से गुजर-बसर कर रहे राजे ने अब प्रशासन के दरवाजे पर अपनी फरियाद रखी है।
राजे के पास परिवार पहचान पत्र, मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड और पैन कार्ड समेत पहचान से जुड़े जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं। इसके बावजूद उन्हें बुढ़ापा और विधुर पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पेंशन शुरू करवाने के लिए वह लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं।
मंगलवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत लगाए गए सेवा सेतु कैंप में राजे ग्रामीणों के साथ पहुंचे। उन्होंने एसडीएम विशाल कुमार के समक्ष अपनी परेशानी रखते हुए बताया कि दस्तावेज पूरे होने के बावजूद पेंशन की सुविधा नहीं मिल रही है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर पेंशन शुरू करवाने की मांग की।
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