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हिसार: रजत पदक विजेता ओशिन ने अपनी मां को पहनाया मेडल, मां बोली- बेटी पर गर्व
बहरीन में हुए एशियन यूथ गेम्स में डाटा की बेटी ओशिन जागलान ने 43.38 मीटर डिस्कस फेंक रजत पदक हासिल किया था। बुधवार को बेटी का गांव मसूदपुर और डाटा पहुंचने पर स्वागत किया। बेटी को खुली जीप में बैठाकर विजयी जुलूस निकाला गया। जगह-जगह बेटी का फूल-मालाओं से स्वागत किया। लड्डू खिलाकर मुंह मीठा कराया गया। कार्यक्रम में हांसी के एसडीएम राजेश कोथ और एसएचओ सुमेर सिंह भी बेटी को आशीर्वाद देने पहुंचे।
सुबह बेटी को लेने दिल्ली एयरपोर्ट पर पिता धर्मेेंद सिंह और माता सुनीता के अलावा रिश्तेदार पहुंचे। एयरपोर्ट पर पहुंचते ही ओशिन ने सबसे पहले अपनी मां सुनीता को मेडल पहनाया। इस पर मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। इस पर मां सुनीता ने कहा कि बेटी आप पर मुझे बहुत गर्व है। आप ऐसे ही पदक हासिल कर नाम रोशन करती जाओ। ओशिन ने बताया कि अब वह अगस्त माह में होने वाले फेडरेशन कप की तैयारी शुरू करेगी। उसका सपना ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है। ओशिन रिलायंस मुबई स्पोटर्स एकेडमी में कोच वीरेंद्र डबास के पास अभ्यास कर रही है। ओशिन ने अपने खेल कॅरिअर की शुरुआत महाबीर स्टेडियम में कोच संदीप रापड़िया के पास की थी। करीब तीन माह तक बेटी ने हिसार में जेएसडब्ल्यू के कोच अरविंद्र कुमार के पास अभ्यास भी किया।
सात साल की उम्र में शुरू कर दिया था अभ्यास
पिता धर्मेंद्र बताते हैं कि बेटी ने सात साल की उम्र में अभ्यास शुरू कर दिया था। शुरुआत में बेटी सेक्टर 16-17 स्थित जयहिंद पार्क में मेरे साथ घूमने जाती थी। वहां रेस लगाती थी। धीर-धीरे उसने एक्सरसाइज शुरू की थी। उसके बाद रेस का अभ्यास शुरू किया। कुछ समय तक कबड्डी का भी प्रशिक्षण लिया। फिर बेटी ने एथलेटिक्स में ही कॅरिअर बनाने की ठान ली। अब बेटी ने एथलेटिक्स के इवेंट डिस्कस थ्रो में पदक जीत देश का नाम रोशन किया है।
घर पर ओशिन को बधाई देने पहुंचे लोग
ओशिन के पदक जीतने पर परिवार में खुशी का माहौल है। घर पर बधाइयों का तांता लगा हुआ है। रिश्तेदार के अलावा आसपड़ोस के लोग ओशिन को बधाई देने घर पहुंच रहे हैं। फिलहाल तीन माह से ओशिन मुंबई में प्रशिक्षण ले रही हैं। ओशिन ने पदक जीत न केवल देश का नाम रोशन किया है, बल्कि अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा बनी है।
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