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जेवर के स्थानीय निवासियों और किसानों को 17 सितंबर से नहीं देना पड़ेगा टोल
यमुना सिटी। जेवर के स्थानीय निवासियों और किसानों को अब जेवर टोल प्लाजा पर आने-जाने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। 17 सितंबर से सभी स्थानीय लोगों को उनके आधार कार्ड या स्थानीय निवासी होने का प्रमाणपत्र दिखाकर टोल में छूट मिलनी शुरू हो जाएगी। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने जन्माष्टमी के पर्व से एक दिन पूर्व बृहस्पतिवार को इसकी घोषणा की है और स्थानी लोगों को राहत मिलने का ऐलान कर दिया है।
विधायक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि बीते 14 सालों से स्थानीय लोग और किसान संगठन लगातार एक्सप्रेस-वे के जेवर टोल पर स्थानीय लोगों को छूट देने की मांग कर रहे थे। क्षेत्रिय लोगों के लिए यह सबसे बड़ी समस्या थी, क्योंकि उन्हें कहीं आने जाने के लिए हर दिन टोल से होकर गुजरना पड़ता था और यहां रुपये देने पड़ते थे। स्थानीय लोगों की इसी समस्या के निस्तारण के लिए बीते दिनों यमुना एक्सप्रेस-वे का संचालन करने वाली सुरक्षा समूह कंपनी और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से बात की गई थी। दैनिक आवागमन संबंधी समस्याओं, किसानों के योगदान तथा स्थानीय लोगों के हितों को देखते हुए यह निर्णय हुआ है कि जेवर स्थित यमुना एक्सप्रेसवे से प्रभावित एवं आसपास के पात्र गावों के स्थानीय नागरिकों को जेवर टोल प्लाजा पर टोल शुल्क से मुक्ति की सुविधा प्रदान की जाएगी।
टोल कार्यालय पर जमा कराने होंगे दस्तावेज
जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि 4 सितंबर को जन्माष्टमी से पहले राहत प्रदान कर दी गई है। वहीं 19 सितंबर को पीएम मोदी के जन्मदिन से पहले 17 सितंबर से ही लोगों को छूट मिलनी शुरू हो जाएगी। स्थानीय लोगों को अपने आधार कार्ड, स्थानीय निवासी होने का प्रमाणपत्र के साथ अपने वाहनों की छायाप्रति जमा कराकर टोल कार्यालय में पंजीकरण कराना होगा। दस्तावेज के सत्यापन के बाद जेवर टोल पर फ्री आने-जाने के लिए वाहन पास जारी कर दिया जाएगा। यमुना एक्सप्रेसवे आज जिला मुख्यालय, न्यायालय, अस्पताल, शिक्षण संस्थानों, यमुना प्राधिकरण तथा अन्य शासकीय एवं आवश्यक संस्थानों तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग बन चुका है। इससे क्षेत्र के डॉक्टर, नौकरी पेशा, अधिवक्ता, छात्र-छात्राएं, युवाओं और किसानों को राहत मिली है।
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