स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में सिटी बस सेवा अब पूरी तरह बंद होने जा रही है। बल्लभगढ़ बस डिपो से संचालित होने वाली सभी सिटी बसों को वापस गुरुग्राम भेजा जा रहा है। शनिवार को कई बसें गुरुग्राम के लिए रवाना कर दी गईं, जबकि शेष बसों को सोमवार तक डिपो से भेज दिया जाएगा। इसके बाद बल्लभगढ़ का सिटी बस डिपो पूरी तरह खाली हो जाएगा। सिटी बस सेवा बंद होने से शहर और गांवों के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। अब यात्रियों को ऑटो और हरियाणा रोडवेज की बसों के सहारे अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ेगा।
फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) की ओर से वर्ष 2019 में गांवों को शहर से जोड़ने के उद्देश्य से 50 सिटी बसों का संचालन शुरू किया गया था। समय के साथ बसों की हालत जर्जर होने और संचालन संबंधी समस्याओं के कारण सेवा प्रभावित होती रही। बल्लभगढ़ डिपो से सात रूटों पर 35 बसें संचालित हो रही थी। इन बसों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शहर तक पहुंचने के लिए सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध होता था।
सात रूटों पर गांवों को शहर से जोड़ती थीं बसें
बल्लभगढ़ डिपो से संचालित होने वाली सिटी बसें मंझावली, चांदपुर, दूधौला, जसाना, नचौली, बदरपुर बॉर्डर, सेक्टर-3 और तिगांव रोड समेत विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ती थीं। इन रूटों पर बसों का संचालन होने से ग्रामीणों को शहर आने-जाने में सहूलियत मिलती थी। बस सेवा बंद होने के बाद इन क्षेत्रों के यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ेगा। खासकर उन यात्रियों को परेशानी हो सकती है, जो रोजाना नौकरी, पढ़ाई या अन्य जरूरी कामों के लिए शहर आते-जाते हैं।
नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों के लिए थी लाइफलाइन
सिटी बस सेवा शहर के लोगों के लिए लाइफलाइन मानी जाती थी। सुबह और शाम के समय नौकरीपेशा लोग और स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थी बड़ी संख्या में इन बसों में सफर करते थे। रोडवेज बसों की तुलना में सिटी बसों की सेवा अधिक नियमित होने के कारण यात्रियों को सुविधा मिलती थी। हर आधे घंटे में बस मिलने से लोगों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता था। अब सेवा बंद होने के बाद यात्रियों को ऑटो या रोडवेज बसों से सफर करना होगा, जिससे उनके समय और खर्च पर असर पड़ सकता है।
मंझावली और चांदपुर रूट पर यात्रियों की अधिक भीड़
सिटी बस सेवा से जुड़े कर्मचारियों के अनुसार, मंझावली और चांदपुर रूट पर बसों की मांग सबसे अधिक थी। पहले इन दोनों रूटों पर पांच-पांच बसें संचालित की जाती थीं, लेकिन यात्रियों की संख्या और बसों की उपलब्धता में बदलाव के चलते इनकी संख्या घटाकर तीन-तीन कर दी गई थी। इसके बावजूद बसों में यात्रियों की भीड़ बनी रहती थी और कई बार लोगों को खड़े होकर सफर करना पड़ता था। ऐसे में इन रूटों पर बस सेवा बंद होने से ग्रामीण यात्रियों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो सकता है।
सोमवार तक खाली हो जाएगा बल्लभगढ़ डिपो
सिटी बस डिपो के इंचार्ज मनीष त्यागी ने बताया कि डिपो में अभी 28 बसें खड़ी थीं। इनमें से 22 बसें चलने की स्थिति में थीं, जिन्हें चलाकर गुरुग्राम डिपो पहुंचाया जाएगा। शनिवार शाम तक करीब 10 बसें गुरुग्राम भेजी जा चुकी थीं। शेष बसों को भी देर रात तक रवाना करने की योजना है, ताकि रात के समय जाम की समस्या से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि अन्य छह बसों को टो करके सोमवार तक गुरुग्राम पहुंचा दिया जाएगा। कुछ बसों में तकनीकी खराबी होने के कारण उन्हें चलाकर ले जाने में दिक्कत आ रही है। सोमवार तक बल्लभगढ़ सिटी बस डिपो पूरी तरह खाली कर दिया जाएगा।