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Pilibhit: बाढ़ नियंत्रण कार्य न होने से नाराज ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन जारी, दूसरे दिन पहुंचे एसडीएम और एक्सईएन
पीलीभीत के माधोटांडा क्षेत्र में शारदा नदी के कटान से प्रभावित नोमैंस लैंड से सटे नौजल्हा नंबर दो इलाके में बाढ़ नियंत्रण कार्य न होने से नाराज ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन शुरू किया है। जानकारी पर शनिवार को एसडीएम और बाढ़ खंड के एक्सईएन मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से बात कर उनकी समस्याएं जानीं। ग्रामीण नदी के दाहिने किनारे के क्षतिग्रस्त तटबंध की तत्काल मरम्मत शुरू कराने की मांग पर अड़े रहे और धरना जारी रखा।
माधोटांडा क्षेत्र में शारदा नदी से सटे नौजल्हा नंबर दो इलाके में बीते दो वर्षों से बाढ़ नियंत्रण कार्य न कराए जाने से क्षेत्रीय ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते नदी लगातार दाहिने किनारे की ओर कटान कर रही है। इससे करोड़ों रुपये की लागत से बना तटबंध भी खतरे में पड़ गया है। इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों ने शुक्रवार से शारदा नदी के दाहिने किनारे पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया, जो शनिवार को भी जारी रहा। धरना स्थल पर शनिवार को कलीनगर एसडीएम प्रमेश कुमार, नायब तहसीलदार अक्षय यादव और बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता आशुतोष कुमार पहुंचे। अधिकारियों ने पहले क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद धरना स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की।
अधिशासी अभियंता ने ग्रामीणों को बताया कि पिछले वर्ष करीब नौ करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट स्वीकृति के लिए भेजा गया था, लेकिन बजट मंजूर न होने के कारण कार्य नहीं हो सका। अब दोबारा प्रोजेक्ट भेजा जा रहा है और प्रयास किया जा रहा है कि जल्द स्वीकृति मिल सके। हालांकि ग्रामीण इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। धरना-प्रदर्शन में मधुसूदन पाल, गोविंद देवनाथ, सुजीत कर्मकार सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे और नारेबाजी की। ग्रामीणों की मांग है कि कम से कम 200 मीटर लंबे क्षतिग्रस्त तटबंध पर तत्काल पांच पत्थर की टोकरियां (गैबियन) लगाकर स्थायी बाढ़ नियंत्रण कार्य शुरू कराया जाए। एसडीएम ने बाढ़ खंड के अभियंताओं और ग्रामीणों के साथ नदी क्षेत्र का जायजा लिया और पूरी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजने का आश्वासन दिया।
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