बदायूं जिले के म्याऊं ब्लॉक के गांव अभिगांव में शारदा समिति की ओर से संचालित गोशाला में गोवंशों की मौत के बाद सोमवार को पड़ताल की गई तो कई खामियां सामने आईं। करीब आठ बीघा क्षेत्र में फैली गोशाला में मौके पर गोवंश की संख्या के अनुपात में पर्याप्त व्यवस्थाएं नजर नहीं आईं। गोशाला में एक टीन शेड बना है, जिसमें करीब 50 गोवंश को रखा जा सकता है। इसके अलावा बांस के ढांचे पर काली पन्नी डालकर अस्थायी छाया की व्यवस्था की गई है। दो कमरे भी बने हुए हैं। चारे के लिए बाउंड्री के सहारे खुले में चन्नी बनाई गई है।
सोमवार को गोशाला के मुख्य गेट के पास कुछ भूसा और मक्के की कुट्टी पड़ी दिखाई दी। गोवंश की संख्या को देखते हुए चारे और आश्रय की व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने की स्थिति सामने आई। गोशाला में पानी निकासी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। बारिश के पानी की निकासी के लिए पाइप लगाए गए हैं, लेकिन रविवार को परिसर में काफी कीचड़ थी। सोमवार सुबह से परिसर में मिट्टी डलवाने का काम शुरू कराया गया, ताकि गोवंश को बैठने में परेशानी न हो। पानी के लिए दो टैंक बनाए गए हैं, जिनमें से एक चालू है, जबकि दूसरा खराब बताया गया। ऐसे में बड़ी संख्या में गोवंश के लिए पानी, छाया और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
वहीं रविवार देर रात करीब 11 बजे जिलाधिकारी अवनीश राय ने भी गोशाला का निरीक्षण किया। बता दें कि रविवार को राष्ट्रीय बजरंग दल के पदाधिकारियों ने गोशाला में 74 गोवंशों की मौत होने की बात कही थी। देर रात प्रशासन ने 20 गोवंश की मौत की पुष्टि की थी। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. ज्ञानवीर सिंह ने बताया कि गोशाला में कुल 428 गोवंश दर्ज हैं, जिनमें से 20 की मौत हो चुकी है। वहीं 74 गोवंश को गूरा, म्याऊं, गौरामई और मरौरी की गोशालाओं में स्थानांतरित किया गया है।