आबूरोड शहर में चंद्रावल बीएड कॉलेज के पास नवनिर्मित माता रानी भटियाणी सा मंदिर के दो दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ रविवार को भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। इस धार्मिक महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। शोभायात्रा के दौरान भक्तों ने माता रानी के जयकारे लगाए और नगरवासियों ने श्रद्धालुजनों का पुष्प वर्षा से स्वागत किया।
महोत्सव का समापन सोमवार को हवन, महाप्रसादी एवं भजन संध्या के आयोजन के साथ होगा, जिसमें श्रद्धालु भक्तों को महाप्रसाद वितरण किया जाएगा।
माता रानी की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की शोभायात्रा अग्रवाल विष्णु धर्मशाला से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए बनास नदी किनारे स्थित चंद्रावल बीएड कॉलेज परिसर में बनाए गए माता रानी भटियाणी सा मंदिर में पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान सिरोही जिले के विभिन्न समाजों एवं संगठनों ने श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया। शोभायात्रा मार्ग में विभिन्न व्यापारिक संगठनों द्वारा भक्तों के लिए अल्पाहार एवं शीतल पेय की व्यवस्था की गई थी।
श्रद्धालु डीजे पर बज रही धार्मिक धुनों पर नाचते-गाते और माता के जयकारे लगाते हुए पूरे उत्साह के साथ चल रहे थे। शोभायात्रा में सबसे आगे राजपूत युवा संगठन के नन्हे कार्यकर्ता राजपूती पोशाक में घोड़े पर सवार होकर अपनी अनूठी पहचान प्रस्तुत कर रहे थे। इसके अलावा ढोल-नगाड़ों एवं थाली की थाप पर गैरिये नृत्य प्रस्तुत कर रहे थे, जो श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे।
शोभायात्रा के दौरान राजपूत युवा संगठन ने शहर पुलिस थाना एवं आरएसी जवानों के सहयोग से यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था संभाली, जिससे शोभायात्रा का आयोजन पूरी तरह सफल और भव्य रूप में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर राजपूत युवा संगठन तहसील अध्यक्ष राजेंद्रसिंह गोहिल, नगर अध्यक्ष आरएस राजपूत, जसपालसिंह वाघेला चामुंडेरी, हरिसिंह परिहार झाड़ोली, चंदनसिंह परमार खाखरवाड़ा, नरेंद्रसिंह कच्छवाहा लूनियापुरा, किशोरसिंह चौहान, सुरेंद्रसिंह कच्छवाहा लुनियापुरा, जबरसिंह गोहिल, हिम्मतसिंह, विजयसिंह, सुमेरसिंह सहित राजपूत समाज के सैकड़ों युवा, महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आज प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के समापन के अवसर पर विशाल हवन, भजन संध्या एवं महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न होंगे। मंदिर समिति एवं आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।