जयपुर में मुख्यमंत्री ने सोमवार को सचिवालय के दौरे के दौरान राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं कॉल अटेंड कर आमजन की समस्याएं सुनीं और उन्हें तत्काल समाधान दिलाने के निर्देश दिए। मौके पर ही दो शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुलझने से दोनों के चेहरों पर संतोष और खुशी झलक उठी।
हेल्पलाइन पर मौजूद कर्मचारियों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने नवलगढ़ (झुंझुनू) निवासी सुधीर और कोटपूतली-बहरोड़ के निवासी नेमीचंद की कॉल सीधे सुनी। सुधीर ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत उनके क्षेत्र में सड़क निर्माण हो रहा है, लेकिन बीच में खड़ा एक बिजली पोल आवाजाही में बाधा बन रहा है। उन्होंने पोल हटवाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए, जिसके बाद संबंधित जिला प्रशासन ने पोल हटवाकर समस्या का निस्तारण कर दिया।
एक अन्य शिकायतकर्ता नेमीचंद, निवासी गोकलपुर गांव, वार्ड 29 ने अपनी समस्या बताई कि वार्ड में नाले की लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़क पर भरा हुआ है। यह न केवल आवागमन में परेशानी पैदा कर रहा था, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ा रहा था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर संबंधित कलेक्टर ने नाले की सफाई करवा दी और परिवाद का तत्काल निस्तारण किया गया।
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निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली, शिकायत पंजीकरण की प्रक्रिया, वेरिफिकेशन और फॉलो-अप सिस्टम की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनसेवा को सर्वोपरि रखते हुए पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेहिता के साथ काम कर रही है। 181 हेल्पलाइन ने लोगों को घर बैठे समस्याएं दर्ज कराने और समयबद्ध समाधान पाने का सरल माध्यम उपलब्ध कराया है।
उन्होंने निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक समस्या की मॉनिटरिंग को और मजबूत किया जाए, ताकि किसी भी परिवादी को समाधान के लिए प्रतीक्षा न करनी पड़े। उन्होंने स्वयं कॉल अटेंड कर व्यवस्थाओं को समझने और सेवा को और बेहतर बनाने की मंशा भी प्रकट की।