कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने रविवार को मोती डूंगरी स्थित अपने कार्यालय पर आमजन और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने फूलमाला पहनाकर उनका स्वागत किया। मीडिया से बातचीत में जूली ने प्रदेश सरकार पर शिक्षा, महंगाई, सरकारी खरीद और सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए।
जूली ने कहा कि कांग्रेस राजस्थान में शिक्षा के मुद्दे को लगातार उठाती रही है। छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस पहले दिन से आवाज उठा रही है और आगे भी शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। उन्होंने सरकार से शिक्षा का बजट बढ़ाने, स्कूलों में सुविधाएं बेहतर करने और लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा विभाग से जुड़े जरूरी मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय दूसरे विषयों में ज्यादा सक्रियता दिखाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस योजना की जरूरत है, लेकिन सरकार इस दिशा में अपेक्षित काम नहीं कर रही है।
महंगाई को लेकर जूली ने कहा कि आम परिवार लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान है। दाल, तेल, चीनी और आटे जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ने से रसोई का बजट प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि बाजार में कीमतों की प्रभावी निगरानी और सरकार की स्पष्ट नीति दिखाई नहीं दे रही है। एथनॉल उत्पादन में गन्ने के इस्तेमाल और चीनी की कीमतों को लेकर भी उन्होंने सरकार से स्पष्ट नीति बनाने की मांग की।
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जूली ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के पुराने लोकसभा भाषण का हवाला देते हुए सरकार की नीतियों और योजना पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी चुनाव में अपने शासनकाल के काम जनता के सामने रखेगी। साथ ही मौजूदा सरकार के तीन साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड भी जनता के बीच लेकर जाएगी। उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला जनता को करना है।
भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जूली ने सफाई व्यवस्था और सरकारी खरीद का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि सफाई के ठेकों की राशि में भारी बढ़ोतरी के बावजूद जमीन पर व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। वहीं, अलवर में खरीदी जा रही जेसीबी मशीनों की कीमतों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मशीनें दिल्ली की तुलना में करीब 10 लाख रुपये तक महंगी खरीदी जा रही हैं।
जूली ने कहा कि सरकारी खरीद में कीमतों का अंतर गंभीर सवाल खड़े करता है। कांग्रेस इन सभी मुद्दों को जनता के बीच ले जाएगी और सरकार की कथित अनियमितताओं और नाकामियों को उजागर करेगी।