उज्जैन में सोमवार को हनुमान अष्टमी पर्व पर 25 किलोमीटर लंबी 108 श्री हनुमान दर्शन यात्रा का आयोजन होगा। यह यात्रा उत्तरा मुखी हनुमान मंदिर, अंकपात से सुबह 7 बजे शुरू होकर कार्तिक चौक स्थित श्री वीर हनुमान मंदिर पर समाप्त होगी। धर्म विज्ञान शोध ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस वार्षिक यात्रा के संयोजक पंडित वैभव जय जोशी और दिलीप अग्रवाल ने बताया कि हनुमान अष्टमी पर्व केवल उज्जैन में मनाया जाता है। इस दिन माना जाता है कि पवनपुत्र सभी मंदिरों में वास कर भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
यात्रा अंकपात से शुरू होकर मंगलनाथ, राम जनार्दन मंदिर, गढ़ कालिका, बस स्टैंड, महाकाल, नरसिंह घाट, सराफा, और अन्य प्रमुख स्थलों से होते हुए 108 प्राचीन हनुमान मंदिरों के दर्शन करेगी। यात्रा में श्रद्धालु बाइक, कार या अन्य वाहन से भाग ले सकते हैं। श्रद्धालुओं से राम नाम जपते हुए मानसिक रूप से यात्रा पूर्ण करने का आग्रह किया गया है।
हनुमान अष्टमी का ऐतिहासिक महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम के राज्याभिषेक के समय हनुमान जी तीर्थों का जल लेने निकले थे। इस दौरान उज्जैन में रुकने पर उनके कलश का जल कोटितीर्थ कुंड में गिर गया, जिससे इस कुंड का नाम पड़ा। यह दिन अष्टमी तिथि थी, तभी से उज्जैन में हनुमान अष्टमी पर्व मनाने की परंपरा शुरू हुई।
100 वर्षों से जारी परंपरा
धर्म विज्ञान शोध ट्रस्ट के संस्थापक ब्रह्मलीन डॉ. जे. जोशी के दादा पंडित गोपाल कृष्ण जोशी यह यात्रा घोड़े पर करते थे। उनके बाद यह परंपरा साइकिल और अब आधुनिक वाहनों के जरिए जारी है। यात्रा के आयोजक अमित माथुर ने बताया कि श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार 1, 5, 21, 51 या 108 हनुमान मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं।