श्योपुर जिले के सोई क्षेत्र में मंगलवार को अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण ददुनी और आसपास के गांवों में खेतों में खड़ी धान की फसल जमीन पर बिछ गई। किसानों के मुताबिक, फसल पकने की स्थिति में थी। ऐसे में बारिश और तेज आंधी से महीनों की मेहनत पर संकट खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार, सोई क्षेत्र में अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में तेज हवा का असर खेतों में दिखाई देने लगा। ददुनी समेत आसपास के गांवों में सैकड़ों बीघा क्षेत्र में खड़ी धान की फसल तेज हवाओं के कारण खेतों में गिर गई। कई खेतों में फसल पूरी तरह झुक गई है।
किसानों का कहना है कि धान की फसल इस समय पकने की स्थिति में पहुंच चुकी थी। फसल के गिर जाने से अब कटाई में परेशानी आने के साथ ही उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। किसानों के मुताबिक, यदि फसल लंबे समय तक खेत में इसी तरह पड़ी रही तो उसके खराब होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
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अचानक हुई बारिश और तेज हवाओं से खेतों में फसल को नुकसान पहुंचने के साथ ही ददुनी गांव में एक पेड़ भी आंधी के कारण मकान पर जा गिरा। इससे मकान को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
मौसम में आए इस बदलाव के बाद किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि प्रभावित गांवों में राजस्व और कृषि विभाग की टीम भेजकर खेतों का सर्वे कराया जाए, ताकि वास्तविक नुकसान का आकलन हो सके और पात्र किसानों को नियमानुसार राहत राशि मिल सके।
शुरुआती तौर पर ददुनी और आसपास के गांवों में सैकड़ों बीघा धान की फसल प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, नुकसान का वास्तविक आंकड़ा प्रशासनिक सर्वे के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल किसानों की नजर प्रशासन की सर्वे टीम पर है और उन्हें जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।