कान्हा टाइगर रिजर्व के मुक्की परिक्षेत्र से एक कमजोर मादा बाघ शावक का रेस्क्यू किया गया है। करीब डेढ़ से दो वर्ष उम्र की शावक को मुक्की स्थित क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया है, जहां उसका उपचार किया जा रहा है और विशेषज्ञों की निगरानी में उसकी सेहत पर नजर रखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मुक्की परिक्षेत्र के जामुनटोला क्षेत्र में सरेखा गांव के पास कोर और बफर क्षेत्र की सीमा पर यह शावक पिछले दो-तीन दिनों से कमजोर हालत में दिखाई दे रही थी। स्थानीय लोगों ने उसका वीडियो बनाकर कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन को इसकी जानकारी दी थी। सूचना मिलने के बाद रिजर्व प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची। गुरुवार शाम हाथियों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और शावक को सुरक्षित पकड़कर मुक्की स्थित क्वारेंटाइन सेंटर लाया गया।
कान्हा टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर (कोर) पीके वर्मा ने बताया कि शावक की उम्र करीब डेढ़ से दो वर्ष है और वह मादा है। संभावना है कि वह हाल ही में अपनी मां से अलग हुई हो, जिसके कारण कमजोर दिखाई दे रही थी। रेस्क्यू से पहले वह फेंसिंग के किनारे-किनारे घूम रही थी।
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फिलहाल शावक को भोजन और पानी दिया जा रहा है, जिसे वह ग्रहण कर रही है। उसे ऑब्जर्वेशन में रखा गया है और आवश्यक स्वास्थ्य जांच की जा रही है। शावक के ब्लड सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
दरअसल, कान्हा टाइगर रिजर्व में पूर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के संक्रमण से सात बाघों की मौत हो चुकी है। ऐसे में शावक के कमजोर होने के कारणों को लेकर रिजर्व प्रबंधन विशेष सतर्कता बरत रहा है। CDV की आशंका को देखते हुए ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही शावक की कमजोरी के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। फिलहाल प्रबंधन की टीम उसकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है।