मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में दशहरे के उल्लास पर झमाझम बारिश ने पानी फेर दिया है। तेज बारिश के कारण शहर का ऐतिहासिक और सबसे पुराना रावण दहन कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा है। अब यह भव्य आयोजन 21 अक्टूबर को शाम 7 बजे प्रशासन के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।
श्री नीलकंठेश्वर गोलमोल बाबा दशहरा उत्सव समिति के सचिव अश्विनी चौहान ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर काली मिट्टी का मैदान है। शाम को हुई तेज बारिश के कारण पूरे मैदान में कीचड़ हो गया है, जिससे वहां चलने या बैठने की जगह नहीं बची है। इस दौरान मौके पर स्थिति का जायजा लेने और समिति सदस्यों से बात करने के लिए खंडवा के एडिशनल एसपी आदित्य सिंघारिया भी पहुंचे। जहां समिति के सदस्यों ने उन्हें मैदान की खराब स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि आज का रावण दहन कार्यक्रम आगे बढ़ाते हुए अब कल किया जाएगा।
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70 साल पुरानी है परंपरा, 71 फीट का है रावण
यह आयोजन खंडवा का सबसे प्राचीन रावण दहन माना जाता है। समिति इस वर्ष अपना 70वां दशहरा उत्सव मना रही है। इस परंपरा की शुरुआत अंग्रेजों के जमाने में स्थानीय लोगों के पूर्वजों ने की थी, जिसे आज भी क्षेत्र की युवा पीढ़ी और पार्षद मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं। इस खास मौके पर 71 फीट ऊंचा विशाल रावण का पुतला तैयार किया गया है। हर साल इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को देखने के लिए करीब 25 हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ उमड़ती है। यहां की एक पुरानी मान्यता भी है कि रावण दहन के बाद श्रद्धालु पास ही स्थित मंदिर में भगवान राम के दर्शन करने जाते हैं।
निराश होकर लौटे दर्शक, कल फिर आने का उत्साह
रावण दहन देखने अपने बच्चों और परिवार के साथ पहुंचे दर्शक मनीष गुप्ता ने बताया कि वे बड़े उत्साह से मैदान में आए थे, लेकिन बारिश के कारण कार्यक्रम टलने से उन्हें काफी निराशा हुई। बच्चे भी मायूस होकर घर लौट रहे हैं क्योंकि पूरा मैदान पानी और कीचड़ से भरा हुआ है। हालांकि, मनीष ने कहा कि भले ही आज मायूसी हाथ लगी हो, लेकिन समिति के निर्णय के बाद वे कल शाम फिर से पूरे परिवार के साथ आएंगे और इस भव्य रावण दहन कार्यक्रम का आनंद लेंगे।