शहर के इंदौर रोड पर हृदयम हॉस्पिटल के पास स्कूल वैन और डंपर के बीच टक्कर का मामला सामने आया है। हादसे के समय वैन में एक स्कूली बच्चा सवार था, जो सुरक्षित बताया जा रहा है। राहत की बात यह रही कि वैन में अन्य बच्चे मौजूद नहीं थे। जानकारी के अनुसार स्कूल वैन बच्चों को लेने के लिए जा रही थी, तभी यह हादसा हो गया।
इस घटना ने एक बार फिर हरदा में स्कूली बच्चों की सुरक्षा और स्कूल वाहनों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार 16 जून से 12 अक्टूबर के बीच स्कूल वाहनों से जुड़ा यह पांचवां हादसा बताया जा रहा है। इन घटनाओं में अब तक 12 से अधिक बच्चे घायल हुए हैं, जबकि एक बच्ची की मौत हो चुकी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं अभिभावकों की चिंता बढ़ा रही हैं।
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हादसों के बाद भी कार्रवाई पर सवाल
शहर में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और स्कूल वैन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यातायात पुलिस तथा जिला परिवहन विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप हैं कि यातायात पुलिस हाईवे पर गति जांच और चालानी कार्रवाई करती है लेकिन शहर के भीतर तेज रफ्तार से दौड़ते वाहनों पर प्रभावी अंकुश नजर नहीं आता।
वहीं स्कूल वैन और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर भी ठोस समाधान की मांग उठ रही है। सवाल यह है कि जब लगातार हादसे हो रहे हैं और मासूम बच्चों की जान जोखिम में पड़ रही है तो जिम्मेदार विभागों की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बीच जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है। स्कूल वाहनों की फिटनेस, गति नियंत्रण, चालकों की जांच और भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्त निगरानी जरूरी है।