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Video: गोमती का पानी बढ़ा तो सैथा से पलायन, राहत-बचाव में उतरी नगर निगम की टीमें
दुबग्गा के लालजी टंडन वार्ड में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से सैथा समेत आसपास के गांवों में हालात बिगड़ गए हैं। नदी का पानी खेतों और घरों तक पहुंचने से बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रभावित हैं। अमर उजाला संवाद न्यूज एजेंसी में प्रकाशित खबर के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया।
जोनल अधिकारी मनोज यादव ने प्रभावित इलाकों में तीन राहत-बचाव कैंप लगवाने के साथ तीन नावें लगवाई हैं। नावों की मदद से पानी में फंसे लोगों को घरों से सुरक्षित बाहर निकालने का काम किया जा रहा है।
सैथा, दौलतखेड़ा, गुलमीखेड़ा, सुखलालखेड़ा, उमरावखेड़ा और जेहटा रोड स्थित हयातनगर मोड़ गांव में गोमती का पानी पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। करीब 500 बीघे से अधिक क्षेत्र में धान और सब्जियों की फसल जलमग्न हो गई है। नदी किनारे बसे कई मकानों में पानी घुसने से सैकड़ों परिवार घर छोड़कर रिश्तेदारों और अपने गृह जनपदों में जाने को मजबूर हैं।
तीन नावों से लोगों को निकाला जा रहा
नगर निगम के जोनल अधिकारी मनोज यादव ने प्रभावित गांवों का निरीक्षण कर ग्रामीणों का हाल जाना। उन्होंने राहत-बचाव कार्य तेज कराने के निर्देश दिए। तीन नावों के जरिए पानी से घिरे घरों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।
प्रभावित परिवारों के लिए तीन राहत कैंप भी लगाए गए हैं, जहां आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।वार्ड के पार्षद पति वेद कुमार रावत और पार्षद प्रतिनिधि पुष्पेंद्र लोधी ने भी प्रभावित गांवों का निरीक्षण कर लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने पानी में फंसे लोगों को बाहर निकलवाने और जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाने में मदद की।
धान और सब्जियों की फसल बर्बाद होने की कगार पर
हयातनगर के किसान मातादीन, सुदामा, संतराम, राजाराम, बाबू, नहक्के, मुनेश्वर, सरवन और बनवारी समेत कई किसानों की धान और सब्जियों की फसल पानी में डूब गई है। खेतों में तैयार तोरई, लौकी, खीरा समेत कई सब्जियां भी खराब होने की कगार पर हैं।किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर फसल तैयार की थी।
इस बार फसल अच्छी थी, लेकिन लगातार बारिश और गोमती का जलस्तर बढ़ने से पूरी मेहनत बर्बाद होने का खतरा है। किसानों ने प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कराकर मुआवजा और प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।
नुकसान का सर्वे कराने का आश्वासन
जोनल अधिकारी मनोज यादव ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव कार्य जारी रहेगा। साथ ही फसलों को हुए नुकसान की जांच कराकर रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी और पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता दिलाने की प्रक्रिया की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि गोमती का जलस्तर और बढ़ा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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