{"_id":"6ad0b736ec7e0b6814051e16","slug":"video-video-bbeya-ma-jana-parakata-parapara-para-rashhataraya-sagashhatha-bhashha-ka-vakasa-para-haii-caraca-2026-10-15","type":"video","status":"publish","title_hn":"Video: बीबीएयू में जैन प्राकृत परंपरा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, भाषा के विकास पर हुई चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Video: बीबीएयू में जैन प्राकृत परंपरा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, भाषा के विकास पर हुई चर्चा
बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में ‘जैन प्राकृत परंपरा: भाषा विकास एवं संवर्धन’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने जैन दर्शन, प्राकृत भाषा की परंपरा और उसके व्याकरण के विकास पर विचार साझा किए। साथ ही भारतीय भाषाओं के इतिहास और जैन साहित्य के योगदान पर भी चर्चा हुई।
संगोष्ठी में वक्ता अभय कुमार जैन ने प्राकृत भाषा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जैन साहित्य में प्राकृत भाषा का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। आचार्य कुंदकुंद के ग्रंथों और अष्टपाहुड़ जैसी रचनाओं के माध्यम से जैन दर्शन के विचारों के प्रसार तथा प्राकृत भाषा के संवर्धन में योगदान मिला।
अभय कुमार जैन ने संस्कृत भाषा को एक प्रामाणिक भारतीय भाषा बताते हुए उसके व्यवस्थित व्याकरण का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं और दर्शन की परंपरा को समझने के लिए उनके ऐतिहासिक विकास का अध्ययन जरूरी है।
उन्होंने राहुल सांकृत्यायन के संदर्भ का उल्लेख करते हुए जैन दर्शन को समझने में आचार्य समंतभद्र और उमास्वामी के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। वक्ता ने सौरसेनी प्राकृत और हिंदी भाषा के उद्गम एवं विकास पर भी प्रकाश डाला। इस दौरान प्राकृत भाषा की परंपरा, जैन साहित्य और भारतीय भाषाओं के आपसी संबंधों पर विचार-विमर्श किया गया।
संगोष्ठी का उद्देश्य जैन प्राकृत साहित्य और भाषा की समृद्ध परंपरा पर अकादमिक चर्चा को आगे बढ़ाना तथा इसके अध्ययन और संवर्धन को प्रोत्साहित करना रहा।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।