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वीडियो: मौसम खुलते ही खेतों में लौटी रौनक, ऊना के जोल क्षेत्र में शुरू हुई आलू की बिजाई
बारिश के बाद मौसम साफ होते ही उपतहसील जोल क्षेत्र में किसानों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। खेतों में एक बार फिर ट्रैक्टर और कृषि उपकरण नजर आने लगे हैं। कई किसान खेतों को बिजाई के लिए तैयार करने में जुटे हैं, जबकि जिन खेतों की मिट्टी तैयार हो चुकी है, वहां आलू की बिजाई शुरू कर दी गई है।
किसानों का कहना है कि बरसात के कारण पिछले दिनों खेती का काम कई बार प्रभावित हुआ। अब मौसम खुलने के बाद किसान उपलब्ध समय का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं। उन्हें आशंका है कि यदि फिर बारिश हुई तो खेतों में पानी भरने से बिजाई का काम दोबारा प्रभावित हो सकता है। इसी कारण तैयार खेतों में किसान जल्द से जल्द आलू की बिजाई पूरी करने में जुट गए हैं।
किसान प्रिंस ठाकुर ने बताया कि उनका खेत बिजाई के लिए पूरी तरह तैयार था। मौसम साफ होते ही उन्होंने आलू की बिजाई शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि इस समय मौसम को देखते हुए किसानों की कोशिश है कि तैयार खेतों में जल्द काम पूरा कर लिया जाए, ताकि आगे बारिश होने पर परेशानी न हो।
किसान राजीव कुमार ने कहा कि बरसात के कारण खेती के काम में पहले ही कई बार बाधा आई है। अब मौसम खुलने पर किसान तेजी से खेतों में काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि जो खेत बिजाई के लिए तैयार हैं, उनमें काम पूरा करना बेहतर है, क्योंकि मौसम कब दोबारा बदल जाए, इसका कोई भरोसा नहीं है।
कृषि प्रसार अधिकारी चंदन कुमार शर्मा ने किसानों को आलू की बिजाई से पहले खेत की मिट्टी और नमी की स्थिति जांचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि खेत में पर्याप्त नमी होनी चाहिए, लेकिन पानी का ठहराव नहीं होना चाहिए।
उन्होंने किसानों से अच्छी गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज का इस्तेमाल करने और क्षेत्र की मिट्टी व मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर ही बिजाई करने की अपील की। अधिकारी ने कहा कि अत्यधिक गीली मिट्टी में आलू की बिजाई करने से बीज के सड़ने और फसल पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका रहती है।
उन्होंने किसानों को कृषि विभाग की सलाह के अनुसार ही बीज, खाद और दवाइयों का इस्तेमाल करने की सलाह दी, ताकि फसल की अच्छी पैदावार हासिल की जा सके।
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