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ऊना: पीरनिगाह मंदिर के अधिकार को लेकर बसोली के ग्रामीणों का धरना छठे दिन भी जारी, एमसी पार्क में प्रदर्शन
Ankesh Dogra
Updated Mon, 24 Aug 2026 01:56 PM IST
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पीरनिगाह मंदिर के अधिकार को लेकर ग्राम पंचायत बसोली के ग्रामीणों का आंदोलन सोमवार को लगातार छठे दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने अब मिनी सचिवालय के बजाय एमसी पार्क ऊना में धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष जताया।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक पीरनिगाह मंदिर के अधिकार को लेकर उनकी मांग का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर विवाद का समाधान निकालने की मांग की।
इससे पहले बसोली के ग्रामीण पीरनिगाह मंदिर के अधिकार को लेकर मिनी सचिवालय परिसर में उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे। प्रशासन की ओर से मिनी सचिवालय परिसर में धारा 163 लागू किए जाने के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन एमसी पार्क में स्थानांतरित कर दिया।
सोमवार को छठे दिन भी बड़ी संख्या में ग्रामीण एमसी पार्क पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपनी मांग के समर्थन में नारेबाजी की।
छह दिन से धरने पर, प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
प्रदर्शनकारी चमन लाल ने आरोप लगाया कि ग्रामीण पिछले छह दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि कड़ी धूप के बीच बुजुर्गों और महिलाओं को भी धरने पर बैठना पड़ रहा है। ग्रामीण मंदिर के अधिकार को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
चमन लाल ने कहा कि प्रशासन की ओर से न्यायालय के आदेशों का हवाला दिया जा रहा है। ऐसे में प्रशासन को ही पूरे विवाद का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो ग्रामीण अपने अधिकार के लिए आंदोलन को और तेज करेंगे।
प्रदर्शनकारी शिखा ने दावा किया कि पीरनिगाह मंदिर ग्रामीणों की जमीन पर बना है और इस मामले में ग्रामीण पहले भी न्यायालय में कानूनी लड़ाई जीत चुके हैं।
उन्होंने कहा कि मुकदमों या किसी भी तरह की चेतावनी से ग्रामीण पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका दावा है कि मंदिर पर ग्रामीणों का अधिकार है और जब तक उन्हें उनका हक नहीं मिलता, धरना जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि पीरनिगाह मंदिर के अधिकार को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब समाप्त नहीं होगा। उन्होंने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर सभी पक्षों की बात सुनने और मामले का समाधान निकालने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मांग पूरी होने तक वे आंदोलन जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर इसे और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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