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ऊना: पंचायतों में पहुंचकर जनता से सीधा संवाद, विधायक विवेक शर्मा बोले- बीते दो वर्षों के हर कार्य में रखी पारदर्शिता
Ankesh Dogra
Updated Sun, 06 Sep 2026 04:52 PM IST
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कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में बीपीएल चयन के दूसरे चरण को लेकर विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य वास्तविक रूप से जरूरतमंद और पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि बीपीएल सूची में ऐसे परिवारों को शामिल किया जाना चाहिए, जो वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर हैं और सरकारी सहायता के पात्र हैं।
विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि प्रदेश की करीब 3,615 पंचायतों में पहले से शामिल 2,65,357 बीपीएल परिवारों के अलावा करीब डेढ़ लाख और पात्र परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में भी इस प्रक्रिया के तहत प्रत्येक पंचायत में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सीधा संवाद कर पात्र परिवारों की पहचान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की दूरगामी सोच के तहत बीपीएल चयन की प्रक्रिया को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा गया है। सरकार का प्रयास है कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में धरातल पर जाकर परिवारों की वास्तविक स्थिति को समझा जाए। इसी उद्देश्य से कुटलैहड़ की पंचायतों में लोगों के साथ सीधे संवाद का सिलसिला जारी है।
मौके पर सुनी जा रही लोगों की समस्याएं
विधायक ने कहा कि पंचायत स्तर पर पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं और पात्र परिवारों की स्थिति को समझने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों से संवाद किया जा रहा है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बीपीएल सूची में केवल उन्हीं परिवारों को शामिल किया जाना चाहिए, जो निर्धारित मानकों के अनुसार वास्तव में पात्र हैं। इसके लिए पात्रता की जांच के साथ-साथ लोगों से सीधा संवाद भी जरूरी है। इससे एक ओर जरूरतमंद परिवारों को योजनाओं का लाभ मिलेगा, वहीं दूसरी ओर अपात्र लोगों के चयन की संभावना भी कम होगी।
“बीते दो वर्षों के हर कार्य में पारदर्शिता”
विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान किए गए हर कार्य में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े फैसलों में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। उनका कहना है कि जनता के बीच जाकर समस्याएं सुनने और मौके पर ही अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई करवाने से विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ की प्रत्येक पंचायत में जाकर लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। बीपीएल चयन प्रक्रिया में भी इसी तरह जनता के साथ संवाद कायम कर पात्र परिवारों की पहचान की जा रही है।
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