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Una News: सुबह आठ बजे किया स्कूलों का समय, बच्चों की नींद और दिनचर्या बिगड़ी
Sun, 06 Sep 2026 01:15 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 06 Sep 2026 01:15 AM IST
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नंदपुर (ऊना)। उमस के बीच ऊना में स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव ने विद्यार्थियों और अभिभावकों की परेशानी बढ़ा दी है। 31 अगस्त तक जिले में स्कूल सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक लग रहे थे। इसके बाद 31 अगस्त को जारी आदेश में समय बदलकर सुबह आठ से दोपहर दो बजे किया गया। इससे बच्चों की दिनचर्या गड़बड़ा गई है।
सुबह आठ बजे स्कूल पहुंचने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बसें विद्यार्थियों के घरों तक सुबह 6:30 से सात बजे के बीच पहुंच रही हैं। ऐसे में कई बच्चों को साढ़े पांच बजे या इससे पहले उठना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि देर रात तक पढ़ाई और होमवर्क करने के बाद बच्चों की नींद पूरी नहीं हो पा रही। इससे वे दिनभर सुस्ती और चिड़चिड़ेपन का सामना कर रहे हैं। सुबह जल्दबाजी में कई बच्चों का नाश्ता तक छूट रहा है।
ध्यान रहे कि प्रशासन की ओर से गर्मी और अत्यधिक उमस को देखते हुए स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है। 31 अगस्त को ऊना में तापमान करीब 34 से 35 डिग्री रहा, जबकि आर्द्रता 85 फीसदी से अधिक दर्ज की गई। तीन सितंबर को भी आर्द्रता 82 से 90 फीसदी तक रही। ऐसे मौसम में दोपहर की गर्मी से बच्चों को बचाने के लिए स्कूलों का समय आगे किया गया है।
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कुठेड़ा खैरला निवासी सोनिया शर्मा ने कहा कि सुबह आठ बजे स्कूल होने के कारण बच्चे की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। वह दिनभर सुस्त रहता है। प्रशासन को बच्चों की दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए स्थायी समाधान निकालना चाहिए।
नंदपुर निवासी विद्या देवी ने कहा कि स्कूल बस पौने सात बजे घर पहुंच जाती है। छोटे बच्चों को ठीक से तैयार होने और नाश्ता करने तक का समय नहीं मिल पाता।
अंब निवासी पूजा शर्मा ने कहा कि स्कूल समय बदलने से बच्चों का पूरा रूटीन बिगड़ गया है। सुबह आठ बजे का समय छोटे बच्चों के लिए व्यावहारिक नहीं है।
बीजापुर निवासी तरसेम लाल और आदर्श नगर निवासी तजिंद्र सिंह ने भी बार-बार समय बदलने के बजाय जमीनी परिस्थितियों के अनुरूप स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।
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सुबह आठ बजे स्कूल पहुंचने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बसें विद्यार्थियों के घरों तक सुबह 6:30 से सात बजे के बीच पहुंच रही हैं। ऐसे में कई बच्चों को साढ़े पांच बजे या इससे पहले उठना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि देर रात तक पढ़ाई और होमवर्क करने के बाद बच्चों की नींद पूरी नहीं हो पा रही। इससे वे दिनभर सुस्ती और चिड़चिड़ेपन का सामना कर रहे हैं। सुबह जल्दबाजी में कई बच्चों का नाश्ता तक छूट रहा है।
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ध्यान रहे कि प्रशासन की ओर से गर्मी और अत्यधिक उमस को देखते हुए स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है। 31 अगस्त को ऊना में तापमान करीब 34 से 35 डिग्री रहा, जबकि आर्द्रता 85 फीसदी से अधिक दर्ज की गई। तीन सितंबर को भी आर्द्रता 82 से 90 फीसदी तक रही। ऐसे मौसम में दोपहर की गर्मी से बच्चों को बचाने के लिए स्कूलों का समय आगे किया गया है।
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कुठेड़ा खैरला निवासी सोनिया शर्मा ने कहा कि सुबह आठ बजे स्कूल होने के कारण बच्चे की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। वह दिनभर सुस्त रहता है। प्रशासन को बच्चों की दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए स्थायी समाधान निकालना चाहिए।
नंदपुर निवासी विद्या देवी ने कहा कि स्कूल बस पौने सात बजे घर पहुंच जाती है। छोटे बच्चों को ठीक से तैयार होने और नाश्ता करने तक का समय नहीं मिल पाता।
अंब निवासी पूजा शर्मा ने कहा कि स्कूल समय बदलने से बच्चों का पूरा रूटीन बिगड़ गया है। सुबह आठ बजे का समय छोटे बच्चों के लिए व्यावहारिक नहीं है।
बीजापुर निवासी तरसेम लाल और आदर्श नगर निवासी तजिंद्र सिंह ने भी बार-बार समय बदलने के बजाय जमीनी परिस्थितियों के अनुरूप स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।