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ऊना: चकसराय के 250 साल पुराने गुग्गा जाहर वीर मंदिर में चढ़ाया निशान साहिब, जयकारों से गूंजा परिसर
Ankesh Dogra
Updated Sun, 06 Sep 2026 04:52 PM IST
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चकसराय स्थित प्रसिद्ध गुग्गा जाहर वीर मंदिर में पवित्र निशान साहिब चढ़ाने की धार्मिक रस्म श्रद्धा और विधिविधान के साथ संपन्न हुई। धार्मिक आयोजन के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की मौजूदगी और जयकारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने निशान साहिब के समक्ष शीश नवाया और परिवार की सुख-शांति, समृद्धि तथा क्षेत्र की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
धार्मिक परंपरा के अनुसार निशान साहिब को विधिवत तैयार करने के बाद श्रद्धालुओं की मौजूदगी में मंदिर परिसर में स्थापित किया गया। इस दौरान पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान भी किए गए। आयोजन के चलते मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही।
चकसराय का गुग्गा जाहर वीर मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर करीब 250 वर्ष पुराना माना जाता है। मंदिर के प्रति अंब क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ ऊना जिले और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों के श्रद्धालुओं की भी गहरी आस्था है। विशेष धार्मिक अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
स्थानीय मान्यता के अनुसार गुग्गा जाहर वीर को सर्पों के देवता के रूप में पूजा जाता है। इसी आस्था के चलते लोग मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं। मंदिर से जुड़ी धार्मिक परंपराएं लंबे समय से पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही हैं।
गुग्गा जाहर वीर से जुड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान चकसराय और आसपास के क्षेत्रों में भक्तिमय माहौल देखने को मिलता है। ऊना और अंब क्षेत्र के अलावा पंजाब के सीमावर्ती इलाकों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इससे यह मंदिर स्थानीय लोगों की आस्था के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र बन गया है।
निशान साहिब चढ़ाने के धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजन धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ पुरानी परंपराओं को भी जीवंत बनाए रखते हैं। साथ ही इनसे क्षेत्र में आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता की भावना मजबूत होती है।
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