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सिरमौर: दिवाली पर खास तोहफा तैयार कर रहे आस्था स्कूल के बच्चे, सजावटी सामान की प्रदर्शनी में मोम के दीये से लेकर गुलदस्ते तक उपलब्ध
दिवाली पर बाजार में सजावटी सामान की खरीदारी तो हर कोई करता है, लेकिन इस बार नाहन में खरीदारी के साथ किसी की जिंदगी में खुशियां बांटने का भी मौका है। आस्था स्पेशल स्कूल के बच्चों ने अपनी मेहनत, कल्पनाशीलता और हुनर से दिवाली के लिए खूबसूरत सजावटी वस्तुएं तैयार की हैं। इन वस्तुओं की प्रदर्शनी स्कूल परिसर के हॉल में लगाई गई है, जहां शहरवासी अपनी पसंद का सामान खरीद सकते हैं।
इस प्रदर्शनी की खास बात यह है कि यहां रखी गई सामग्री बाजार से खरीदी हुई नहीं, बल्कि स्कूल के विशेष बच्चों ने डीएड प्रशिक्षुओं की मदद से खुद तैयार की है। शिक्षिका मोमिना के नेतृत्व में बच्चों ने मोमबत्तियों से लेकर सजावटी गुलदस्तों तक कई आकर्षक उत्पाद बनाए हैं।
प्रदर्शनी में दिवाली के मौके पर घरों को सजाने और अपनों को उपहार देने के लिए कई तरह की वस्तुएं रखी गई हैं। इनमें अलग-अलग डिजाइन की मोमबत्तियां, मोम के दीये, आकर्षक पेंटिंग, दीवार पर लगाने वाली सजावटी वस्तुएं, फ्लावर पॉट्स, टी कोस्टर और खूबसूरत गुलदस्ते शामिल हैं।
इसके अलावा दिवाली गिफ्ट के लिए भी कई विकल्प उपलब्ध हैं। बच्चों ने प्रत्येक वस्तु को अपनी रचनात्मकता और मेहनत से तैयार किया है। प्रदर्शनी में इन उत्पादों की बिक्री की जा रही है।
डीएड कॉलेज की प्रधानाचार्य रूचि कोटिया, सह-समन्वयक कर्म सिंह और आस्था स्कूल की प्रधानाचार्य संतोष कुमारी ने नाहन के लोगों से प्रदर्शनी में पहुंचने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि दिवाली के अवसर पर लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों के लिए सजावटी सामान खरीदते हैं। यदि इस बार लोग आस्था स्कूल के बच्चों के हाथों से तैयार उत्पाद खरीदते हैं तो इससे उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहन मिलने के साथ उनके जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
स्कूल प्रबंधन के अनुसार प्रदर्शनी में रखे गए सामान की बिक्री से जो भी आय प्राप्त होगी, उसे दिव्यांग बच्चों के कल्याण और जरूरतों पर खर्च किया जाएगा।
इसलिए यह प्रदर्शनी केवल खरीदारी का अवसर नहीं, बल्कि बच्चों के हुनर को पहचान देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक प्रयास है। शहरवासियों से अपील की गई है कि इस दिवाली स्थानीय बाजार के साथ आस्था स्कूल के बच्चों की बनाई वस्तुओं को भी खरीदारी में जगह दें।
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