{"_id":"6aa76f07833cb7f0380aa332","slug":"video-mandi-kangu-second-automated-testing-station-vehicle-fitness-check-2026-09-14","type":"video","status":"publish","title_hn":"मंडी: वाहन में जरा सी भी तकनीकी खराबी तो नहीं होगी पासिंग, कांगू में शुरू हुआ प्रदेश का दूसरा एटीएस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंडी: वाहन में जरा सी भी तकनीकी खराबी तो नहीं होगी पासिंग, कांगू में शुरू हुआ प्रदेश का दूसरा एटीएस
वाहन की फिटनेस जांच करवाने जा रहे मालिकों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है। अब वाहन में जरा सी भी तकनीकी खराबी मिलने पर उसकी पासिंग मुश्किल हो सकती है। केंद्र सरकार के नए नियमों के तहत वाहनों की फिटनेस जांच के लिए ऑटोमेटिड टेस्टिंग सेंटर यानी एटीएस की व्यवस्था शुरू की गई है। मंडी जिले के सुंदरनगर उपमंडल के कांगू में प्रदेश का दूसरा ऑटोमेटिड टेस्टिंग सेंटर शुरू हो चुका है।
इस सेंटर में वाहनों की जांच पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड तरीके से की जा रही है। यहां वाहन की फिटनेस का आकलन निर्धारित मानकों और तकनीकी पैरामीटर के आधार पर किया जाता है। इसका उद्देश्य वाहन जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है।
आरटीओ मंडी नवीन शर्मा ने बताया कि फिलहाल सुंदरनगर उपमंडल के अंतर्गत आने वाले वाहनों की पासिंग एटीएस में की जा रही है। इसके अलावा मंडी जिले के अन्य क्षेत्रों सहित प्रदेश के दूसरे हिस्सों के वाहन मालिक भी अपनी इच्छा के अनुसार स्लॉट बुक करवाकर यहां वाहनों की पासिंग करवा सकते हैं। इससे वाहन मालिकों को आरटीओ कार्यालय और मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर यानी एमवीआई के चक्कर काटने से राहत मिलेगी।
एटीएस में वाहन की जांच कई चरणों में की जाती है। सबसे पहले वाहन की बाहरी स्थिति और निर्धारित मानकों के अनुसार निरीक्षण होता है। इसके बाद वाहन को कंप्यूटराइज्ड टेस्टिंग रैंप पर ले जाया जाता है। यहां अत्याधुनिक मशीनों की मदद से वाहन की गहन जांच की जाती है।
जांच के दौरान वाहन के बाहरी हिस्सों के साथ-साथ अंदरूनी और तकनीकी पुर्जों को भी परखा जाता है। ब्रेक, लाइट, स्टीयरिंग, सस्पेंशन और अन्य जरूरी तकनीकी हिस्सों की स्थिति का परीक्षण निर्धारित प्रणाली के अनुसार किया जाता है। मशीनों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर वाहन की फिटनेस का निर्णय होता है।
आरटीओ मंडी नवीन शर्मा के अनुसार, केंद्र सरकार ने वाहनों की फिटनेस जांच के लिए जो पैरामीटर तय किए हैं, उसी के आधार पर परीक्षण किया जाता है। जब तक वाहन सभी मानकों पर खरा नहीं उतरता और सिस्टम की ओर से ग्रीन सिग्नल नहीं मिलता, तब तक उसे पास नहीं किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में अभी केवल दो स्थानों पर ऑटोमेटिड टेस्टिंग सेंटर की सुविधा शुरू हुई है। इनमें पहला सेंटर कांगड़ा में और दूसरा मंडी जिले के कांगू में स्थापित किया गया है। हालांकि, फिलहाल सभी वाहनों के लिए एटीएस से पासिंग करवाना अनिवार्य नहीं किया गया है।
वाहन मालिक अपनी सुविधा के अनुसार संबंधित क्षेत्रों में मैनुअल प्रक्रिया के तहत भी वाहनों की पासिंग करवा सकते हैं। आने वाले समय में प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे सेंटर स्थापित करने की योजना है। इसके बाद वाहनों की फिटनेस जांच को पूरी तरह ऑटोमेटिड सिस्टम से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।