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पैरा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लौटे नीतेश कुमार का हुआ
करनाल। पैरा एशियाई खेलों में देश और जिले का नाम रोशन करने वाले स्टार शटलर नीतेश कुमार के अपने गृह नगर लौटने पर उनका स्वागत किया गया। इस दौरान खेल प्रेमियों और शहरवासियों में गजब का उत्साह देखने को मिला। नीतेश कुमार के करनाल पहुंचने पर स्थानीय बी24 अकादमी में एक विशेष स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अकादमी के संचालक नरेंद्र कुकरेजा और बिजेंदर समेत वहां मौजूद अन्य खिलाड़ियों व गणमान्य लोगों ने नीतेश को फूल-मालाएं पहनाकर और उनका मुह मिठा करवा कर उनका स्वागत किया। सभी ने नीतेश की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी नीतेश कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत और अपनों के आशीर्वाद को दिया। उन्होंने कहा कि फाइनल मुकाबले में देश के दिग्गज खिलाड़ी प्रमोद भगत को हराना मेरे लिए एक बहुत बड़ी और गर्व की उपलब्धि थी। मैच बेहद कड़ा था, लेकिन मैंने अपनी रणनीति पर पूरी तरह से फोकस रखा। उन्होंने अपनी इस शानदार जीत के सफर को याद करते हुए संघर्ष के दिनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस साल की शुरुआत उनके लिए वैसी नहीं रही थी जैसी उन्होंने उम्मीद की थी, शुरुआती दौर में कुछ चुनौतियां और उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और लगातार अभ्यास के दम पर उन्होंने आखिरकार मुकाम हासिल कर ही लिया। उन्होंने कहा कि पैरालंपिक के बाद से उन्होंने अभ्यास करना शुरू किया था और विश्व चैंपियनशिप में उनको हाथ में चोट लग गई थी, लेकिन उसके बाद भी उन्होंने पैरा एशियाई खेलों में क्वालीफाई करने के लिए अभ्यास जारी रखा और चोट लगने से खुद को बचाया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के अंतिम चरण में जब आप पहुंचते है , तो अपने दिमाग को शांत कैसे रखें और अपने खेल को कैसे बेहतर कर सकते है। उन्होंने कहा कि पैरा एशियाई खेलों के फाइनल में एक-दो बार वह भटक गए थे, लेकिन उसके बाद उन्होंने अपने आप को संभाला और अपने खेल का सुधारा। नीतेश ने मिश्रित युगल के फाइनल मुकाबले के बारे में बताया कि उन्होंने व उनकी महिला साथी तुलसीमथी मुरुगेसन ने पहले भी काफी मैच साथ खेले है और उनके साथ वह पिछले तीन साल से खेल रहे है। जिसके चलते उनका तालमेल अच्छा बन गया है। उन्होंने कहा कि 2023 में उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया और इस बार रजत पदक अपने नाम किया है। उन्होंने कहा कि अगली बार वह स्वर्ण पदक अपने नाम करके ही वापस लाैटेंगे।
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