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Garbage to be cleared from Hansi's narrow lanes; 25 pushcarts and rickshaws deployed; monitoring via photos instead of GPS.
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हांसी में तंग गलियों से अब उठेगा कचरा, 25 रेहड़ी-रिक्शा शुरू; जीपीएस नहीं, फोटो से होगी निगरानी
हांसी शहर की तंग गलियों में रहने वाले लोगों के लिए कचरा उठान को लेकर राहत की उम्मीद जगी है। नगर परिषद की ओर से उन गलियों से कचरा उठाने के लिए 25 रेहड़ी-रिक्शा शुरू किए गए हैं, जहां डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाले टीपर वाहन पहुंच नहीं पाते। नगर परिषद चेयरमैन प्रवीण इलावादी ने इन 25 रेहड़ी-रिक्शा को रवाना किया। इस दौरान नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र सोनी भी मौजूद रहे।
चेयरमैन प्रवीण इलावादी ने बताया कि शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठान के लिए पहले से टीपर वाहन चल रहे हैं, लेकिन कई इलाकों की गलियां बेहद संकरी होने के कारण वहां बड़े वाहन नहीं पहुंच पाते। ऐसे में इन गलियों में रहने वाले लोगों को कचरा उठान की समस्या का सामना करना पड़ता था।
इसी समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद ने 25 रेहड़ी-रिक्शा शुरू किए हैं। इन छोटे वाहनों के जरिए अब उन गलियों तक भी पहुंच बनाई जाएगी, जहां टीपर वाहन नहीं जा सकते। नगर परिषद का कहना है कि इसका उद्देश्य शहर के हर हिस्से में नियमित कचरा उठान सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी इलाके के लोगों को कचरे की समस्या का सामना न करना पड़े।
वहीं कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र सोनी ने बताया कि रेहड़ी-रिक्शा के संचालन से तंग गलियों में रहने वाले लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इन रेहड़ी-रिक्शा में फिलहाल टीपर वाहनों की तरह जीपीएस सिस्टम नहीं लगाया गया है।
इनकी निगरानी के लिए एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। रेहड़ी-रिक्शा चालक जिस गली में कचरा उठाने जाएगा, उसे प्रतिदिन उस गली से फोटो भेजनी होगी। फोटो के माध्यम से यह निगरानी की जाएगी कि चालक संबंधित गलियों में नियमित रूप से कचरा उठा रहा है या नहीं। नगर परिषद की इस पहल से तंग गलियों में सफाई व्यवस्था को बेहतर करने की कोशिश की गई है। अब असली चुनौती इन रेहड़ी-रिक्शा का नियमित संचालन और प्रभावी निगरानी रहेगी।
अगर व्यवस्था नियमित रही तो शहर की उन गलियों के लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है, जहां अब तक टीपर वाहन नहीं पहुंच पा रहे थे। अब देखना होगा कि नगर परिषद की यह नई व्यवस्था हांसी की तंग गलियों में सफाई व्यवस्था को कितना मजबूत कर पाती है।
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