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Tohana: Police become a support for the family; father's final journey witnessed via video call in a moment of helplessness.
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टोहाना: पुलिस बनी परिवार का सहारा, बेबसी में वीडियो कॉल पर देखी पिता की अंतिम यात्रा
टोहाना। रोजगार की तलाश में बिहार से सैकड़ों किलोमीटर दूर टोहाना आए एक मजदूर की अंतिम यात्रा में अपनों का कंधा भी नसीब नहीं हुआ। आर्थिक तंगी और दूरी की बेबसी ने ऐसा मजबूर किया कि बेटा-बेटी पिता को अंतिम विदाई भी वीडियो कॉल पर ही दे सके। इस मार्मिक घड़ी में टोहाना पुलिस ही परिवार बनी और स्थानीय लोगों की मदद से अंतिम संस्कार करवाया।
मृतक की पहचान बिहार के पूर्णिया जिले के चरलुवा गांव निवासी किशन लाल शर्मा (51) के रूप में हुई है। वह करीब 10 दिन पहले ही रोजगार के लिए टोहाना आए थे।
जांच अधिकारी मंजीत सिंह ने बताया कि 28 सितंबर को बिहार के मधुबनी जिले के ढंगराहा गांव निवासी ओमप्रकाश से किशन लाल का झगड़ा हो गया। झगड़े के दौरान सिर में चोट लगने से उनकी मौत हो गई। चंडीगढ़ रोड चौकी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया। मकान मालिक वीरेंद्र के बयान पर ओमप्रकाश के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
*मोबाइल स्क्रीन बनी अंतिम दर्शन का जरिया*
किशन लाल की पत्नी अनीता देवी का 15 साल पहले निधन हो चुका है। परिवार में बुजुर्ग मां लुखीया देवी, पुणे में कार्यरत बेटा रोहित, गुरुग्राम में रह रही बेटी अन्नू और बिहार में रहने वाली भतीजी कविता हैं। पुलिस ने सभी को सूचना दी, लेकिन दूरी और आर्थिक हालात के कारण कोई टोहाना नहीं पहुंच सका।
परिस्थिति को देखते हुए बुधवार को पुलिस ने गांव के मुखिया और परिजनों को वीडियो कॉल पर जोड़ा। एक तरफ चिता जल रही थी तो दूसरी तरफ स्क्रीन पर आंसू और बिछड़ने का दर्द था। बेटे रोहित और बेटी अन्नू ने बिलखते हुए मोबाइल पर ही पिता का अंतिम संस्कार देखा।
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