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Fatehabad News: भागवत कथा में कृष्ण जन्म पर झूम उठा भक्तों का मन

Fri, 02 Oct 2026 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Fri, 02 Oct 2026 12:13 AM IST
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The hearts of devotees were filled with joy at the birth of Krishna in the Bhagwat Katha
फतेहाबाद। श्रीमद्भागवत कथा में उप​स्थित महिला श्रद्धालु। आयोजक
फतेहाबाद। श्री योग अनुभव मंदिर सेवा समिति की ओर से पितृ पक्ष में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्म और नंदोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कृष्ण जन्म प्रसंग पर श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन किए और उत्सव का आनंद लिया।
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कथा व्यास साध्वी शांत योगानंद ने कहा कि शास्त्रों में भगवान के अवतार का उद्देश्य धर्म की स्थापना और अधर्म का विनाश बताया गया है। उन्होंने कहा कि भगवान भक्तों को सान्निध्य देने और उनकी भावनाएं पूर्ण करने के लिए भी अवतार लेते हैं। भक्त सच्चे मन से भगवान को पुकारते हैं तो वे उनकी रक्षा के लिए आते हैं।
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उन्होंने महाराजा पृथु का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि भगवान ने प्रसन्न होकर पृथु महाराज से वरदान मांगने के लिए कहा। पृथु ने भौतिक सुख मांगने के बजाय दस हजार कानों का वरदान मांगा। उनका भाव था कि वे भक्तों के मुख से भगवान की दिव्य कथाओं का निरंतर श्रवण कर सकें।
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साध्वी ने कहा कि भौतिक सुखों की अपेक्षा भगवान की कथा और सत्संग का महत्व अधिक है। कृष्ण जन्म प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि मथुरा के राजा कंस ने देवकी और वासुदेव को कारागार में डाल दिया था। कंस ने देवकी के छह पुत्रों का वध कर दिया। सातवें गर्भ में शेषनाग के अवतार भगवान बलराम का प्राकट्य हुआ।
इसके बाद भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। वासुदेव की बेड़ियां खुल गईं और पहरेदार सो गए। वे बालकृष्ण को लेकर यमुना पार कर नंदबाबा और यशोदा के घर पहुंचे। इसके बाद नंद के आनंद भयो और जय कन्हैया लाल की जयघोष से जन्मोत्सव शुरू हुआ।

श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के साथ उत्सव मनाया। खिलौने, लड्डू और माखन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया। टोकरी में विराजमान बाल गोपाल की झांकी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह रहा।
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