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Chandigarh News: बारिश थमी, एक घंटे बाद ही सड़क पर बिछा दिया डामर

Sat, 29 Aug 2026 02:18 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2026 02:18 AM IST
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The rain stopped, and just an hour later, asphalt was laid on the road.
चंडीगढ़। बरसात में सड़क रीकार्पेटिंग को लेकर सवाल उठते रहे हैं लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन का इंजीनियरिंग विभाग मानो बारिश को ही चुनौती दे रहा है। 25 अगस्त को 58.3 एमएम बारिश के बाद दक्षिण मार्ग की सेक्टर-22 और सेक्टर-36 साइड पर बारिश बंद होने के करीब एक घंटे बाद ही रीकार्पेटिंग करवा दी गई। अब सवाल यह है कि क्या इतनी जल्दी सड़क पर हॉट मिक्स डालना तकनीकी मानकों के अनुरूप था?
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सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले बिटुमिन और बजरी के मिक्स मैटीरियल के लिए निर्धारित तापमान जरूरी होता है। बारिश और नमी के बीच मैटीरियल का तापमान कितना रहा, मैटीरियल डालने और रोलिंग के दौरान तापमान निर्धारित मानकों के मुताबिक था या नहीं, यह बड़ा सवाल है। इससे भी अहम सवाल यह है कि प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने रीकार्पेटिंग के दौरान कंपैक्शन टेस्ट, क्वालिटी कंट्रोल और क्वालिटी एश्योरेंस टेस्ट करवाए या नहीं। अगर सड़क की नई परत जल्द उखड़ती है तो इन सवालों के जवाब अपने आप सामने आ जाएंगे। बीते 17 अगस्त को नगर निगम ने पार्षद हरप्रीत काैर बबला के वार्ड नंबर-10 के सेक्टर-28ए/बी स्थित वी3 और वी6 सड़कों की री-कार्पेटिंग करवा दी थी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद निगम कमिश्नर ने एक्सईएन से रिपोर्ट तलब की थी और कंपनी की पेमेंट रोकने के निर्देश दिए थे।
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बारिश हो रही थी, चार टीपर पहले से खड़े थे
25 अगस्त को शहर में शाम 4:30 से 5:20 बजे तक 58.3 एमएम बारिश दर्ज की गई। लेकिन इससे पहले ही शाम करीब 4:20 बजे सेक्टर-36 स्थित पंजाब टेक्निकल एजूकेशन ऑफिस के पास चार टीपर बिटुमिन और बजरी के मिक्स मैटीरियल से भरे खड़े थे। चारों टीपर तिरपाल से ढके हुए थे। उस समय बूंदाबांदी शुरू हो चुकी थी। वहां से गुजरते समय संवाददाता ने प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा को फोन कर बारिश के बीच सड़क रीकार्पेटिंग के बारे में पूछा। चीफ इंजीनियर ने बताया कि मिक्स मैटीरियल से भरे टीपर वहां से हटा दिए गए हैं। हालांकि, मौके पर चारों टीपर करीब दो घंटे तक पंजाब टेक्निकल एजूकेशन ऑफिस के पास खड़े रहे।
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सवाल यह खड़ा
अब सवाल है कि इस दौरान मिक्स मैटीरियल का तापमान कितना गिरा? क्या निर्धारित तापमान पर ही उसे सड़क पर बिछाया गया? क्या रोलिंग सही तापमान पर हुई? इसका कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
एक सड़क पर 30-40 लाख खर्च, गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी?
दक्षिण मार्ग की सेक्टर-22 और 36 साइड की रीकार्पेटिंग जेबी इंफ्रा कंपनी से करवाई गई है। सवाल यह भी है कि बरसात के मौसम में जब सड़क निर्माण सामग्री में नमी गुणवत्ता प्रभावित कर सकती है, तब हॉट मिक्स प्लांट चलाकर मैटीरियल तैयार किया जा रहा था। आम तौर पर बरसात में कई कंपनियां हॉट मिक्स प्लांट बंद रखती हैं। वजह यह है कि प्लांट के आसपास पानी खड़ा हो जाता है और बजरी-बिटुमिन की मिक्सिंग के दौरान नमी मैटीरियल में पहुंच सकती है। एक सड़क की रीकार्पेटिंग का टेंडर करीब 30 से 40 लाख रुपये में अलॉट होता है। ऐसे में यदि नई परत कुछ ही समय में उखड़ गई तो जिम्मेदारी किसकी होगी—प्रशासन के इंजीनियरों की या ठेकेदार की?
यही कंपनी पहले निगम की सड़कों पर भी कर चुकी काम
जेबी इंफ्रा कंपनी पर बरसात में सड़क रीकार्पेटिंग का सवाल पहली बार नहीं उठा है। कंपनी ने निगम की मौली जागरां और विकास नगर की अंदरूनी सड़कों की भी बरसात के दौरान रीकार्पेटिंग की थी। इसके बाद कंपनी मशीनरी लेकर सेक्टर-28 पहुंची और वहां वी-5 और कुछ वी-6 सड़कों की रीकार्पेटिंग की गई।
रिटायर्ड चीफ इंजीनियर बोले- बरसात में नहीं होती रीकार्पेटिंग
रिटायर्ड चीफ इंजीनियर के मुताबिक बरसात के दौरान सामान्य तौर पर सड़कों की रीकार्पेटिंग नहीं की जाती। बारिश का पानी हॉट मिक्स प्लांट के आसपास जमा होने से नमी बजरी-बिटुमिन के मिश्रण में जा सकती है और इससे मैटीरियल की गुणवत्ता प्रभावित होती है। उनके अनुसार, इमरजेंसी स्थिति में भी तीन-चार दिन लगातार मौसम सूखा रहने पर ही रीकार्पेटिंग करना उचित है। ऐसे में बारिश बंद होने के करीब एक घंटे बाद 25 अगस्त को रीकार्पेटिंग करवाना सही नहीं था।

एक्सईएन बोले- बारिश के बाद सड़क सूखी थी
प्रशासन के कैपिटल प्रोजेक्ट डिवीजन नंबर-2 के एक्सईएन नवीन खत्री ने कहा कि 25 अगस्त को बारिश रुकने के बाद दक्षिण मार्ग की सेक्टर-22 साइड की सड़क सूखी थी। इसलिए रीकार्पेटिंग करवाई गई। उन्होंने बताया कि 28 अगस्त को मौसम ड्राई रहा, इसलिए सेक्टर-23 से 36 की सड़क की रीकार्पेटिंग करवाई गई। बरसात में रीकार्पेटिंग नहीं होने के सवाल पर एक्सईएन ने कहा कि बारिश के मौसम में जिस दिन बारिश नहीं होती, उस दिन सड़क की रीकार्पेटिंग करवाई जा सकती है।
असली सवाल :बारिश के तुरंत बाद बिछाई गई सड़क की परत कितने दिन टिकती है और अगर उखड़ी तो जवाबदेही किसकी तय होगी?
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