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Video: अयोध्या में कड़ी सुरक्षा के बीच दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन, एसडीएम-सीओ ने किया निरीक्षण
बीकापुर तहसील क्षेत्र के गौराघाट स्थित रामचौरा घाट पर मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हुआ। विसर्जन से पहले श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आरती उतारी। इसके बाद पुलिस की निगरानी में गौरा बरम बाबा की प्रतिमा का विसर्जन कराया गया। रामदासपुर, गौरा, तारडीह और सोनेडाड़ सहित क्षेत्र की कुल 10 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाना है।
सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे उपजिलाधिकारी संतोष कुमार और क्षेत्राधिकारी दिनेश गोदारा ने रामचौरा घाट का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने व्यवस्थाओं की जानकारी ली और अपनी निगरानी में विसर्जन कराया। घाट पर पुलिस बल के साथ एनडीआरएफ की टीम भी तैनात रही।
विसर्जन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए गयासपुर चौकी प्रभारी विकास मौर्य पुलिस टीम के साथ मुस्तैद रहे। उपनिरीक्षक संतोष कुमार मिश्रा और सिपाही सौरभ सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आवागमन पर नजर रखी। हालांकि, घाट पर जलकुंभी और गंदगी की समस्या भी सामने आई। इस दौरान एडीओ समाज कल्याण अधिकारी मनीष वर्मा, प्रधान प्रतिनिधि राम भारत यादव और गौरा प्रधान राजेंद्र प्रसाद वर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
रुदौली में 260 दुर्गा प्रतिमाओं का होगा विसर्जन, पांच घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम
रुदौली। दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर रुदौली तहसील प्रशासन और पुलिस अलर्ट है। तहसील क्षेत्र के पांच घाटों पर करीब 260 प्रतिमाओं का विसर्जन होना है। मंगलवार शाम पांच बजे तक कामाख्या घाट पर 35, रेछघाट पर 22 और कैथी घाट पर आठ प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका था। विसर्जन कार्यक्रम दो दिनों तक चलेगा।
एसडीएम विनोद गुप्ता ने बताया कि कैथी, रेछघाट, कामाख्या घाट, अमोनी और रामसनेही घाट को विसर्जन स्थल बनाया गया है। सभी घाटों पर लाइफ जैकेट के साथ गोताखोर तैनात किए गए हैं। आयोजकों को स्वयं प्रतिमा विसर्जन की अनुमति नहीं है। गोताखोरों की मदद से ही प्रतिमाओं को नदी में प्रवाहित कराया जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर घाटों पर स्नान करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
सीओ अरविंद सोनकर ने बताया कि सभी घाटों पर पुलिस बल तैनात है। अराजक तत्वों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रशासन का कहना है कि विसर्जन कार्यक्रम को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
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