फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
विज्ञापन
Hindi News ›   Video ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   rohru shiladesh apple production falls weather cost increase himachal

शिलादेश में सेब की पैदावार को मौसम की मार, डेढ़ लाख से घटकर 50 हजार पेटियां रह गया उत्पादन

Mon, 05 Oct 2026 03:53 PM IST
Ankesh Dogra Ankesh Dogra
Updated Mon, 05 Oct 2026 03:53 PM IST
rohru shiladesh apple production falls weather cost increase himachal
हिमाचल की पहचान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी माने जाने वाली सेब बागवानी अब कई क्षेत्रों में बागवानों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है। सालभर बगीचे में मेहनत करने के बाद जब फसल तैयार होने का समय आता है तो मौसम की बेरुखी उनकी उम्मीदों पर पानी फेर देती है। रोहड़ू उपमंडल के दूरदराज स्थित शिलादेश में इस बार सेब उत्पादन में आई भारी गिरावट इसकी तस्वीर साफ दिखा रही है। अपनी रसीली, ठोस और बेहतर गुणवत्ता वाले सेब के लिए पहचान रखने वाला शिलादेश गुणवत्ता के मामले में किन्नौरी सेब को भी टक्कर देता है। पंचायत क्षेत्र में करीब 100 बागवान हर साल डेढ़ लाख से अधिक पेटियों का उत्पादन करते रहे हैं। लेकिन इस साल उत्पादन घटकर करीब 50 हजार पेटियों तक पहुंच गया है। यानी पिछले वर्षों की तुलना में उत्पादन में करीब दो-तिहाई तक की गिरावट आई है। इसका सीधा असर बागवानों की आमदनी पर पड़ा है। शिलादेश पंचायत के बागवान विद्या प्रकाश खनान का कहना है कि सेब की बागवानी का भविष्य अब संकट में नजर आने लगा है। मौसम लगातार बागवानों का साथ नहीं दे रहा है। दूसरी ओर दवाइयों के दाम बढ़ने से बगीचे की लागत बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि खाद, पैकिंग और मजदूरों की लागत भी पहले की तुलना में काफी अधिक हो चुकी है। ऐसे में जब उत्पादन ही कम हो जाए तो बागवानों के लिए अपनी लागत निकालना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय बागवान अशोक खनान के अनुसार सेब की फसल पर सबसे बड़ी मार मौसम की पड़ रही है। समय पर बारिश और बर्फबारी न होने से बगीचों का प्राकृतिक चक्र प्रभावित हो रहा है। फ्लावरिंग के दौरान बेमौसमी बारिश होने से परागण प्रभावित होता है। इसका सीधा असर फल सेटिंग और अंतिम उत्पादन पर पड़ता है। इसके अलावा ओलावृष्टि भी तैयार फसल को नुकसान पहुंचा रही है। बागवानों का कहना है कि सेब की अच्छी फसल के लिए सर्दियों में पर्याप्त ठंड और बर्फबारी तथा सही समय पर मौसम का साथ जरूरी है। मौसम के चक्र में बदलाव का असर अब बगीचों में साफ दिखाई देने लगा है। स्थानीय बागवान किशोर के अनुसार इस वर्ष बगीचों में सेब की पैदावार काफी कम रही। उम्मीद थी कि कम उत्पादन की भरपाई मंडियों में बेहतर कीमत मिलने से हो जाएगी, लेकिन अपेक्षित दाम नहीं मिलने से परेशानी और बढ़ गई। उनका कहना है कि इस बार कई बागवानों के सामने बगीचे की लागत निकालना भी चुनौती बन गया है। जब फसल कम हो और बाजार में उम्मीद के मुताबिक भाव भी न मिले तो बागवानों पर आर्थिक दबाव और बढ़ जाता है। सेब उत्पादन में कमी का असर केवल बागवानों तक सीमित नहीं रहा। इससे उन मजदूरों पर भी असर पड़ा है, जो दूसरे राज्यों से सेब की तुड़ाई और पैकिंग के लिए हिमाचल पहुंचते हैं। सेब की पैकिंग के लिए बनारस से शिलादेश पहुंचे पारस पासवान ने बताया कि उनकी टीम ने पिछले साल करीब 12 हजार पेटियों की पैकिंग की थी। इस साल यह संख्या घटकर करीब चार हजार पेटियों तक रह गई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उत्पादन में कमी का असर बगीचों से लेकर पैकिंग और मजदूरी से जुड़े लोगों तक पहुंचा है। शिलादेश की स्थिति बताती है कि सेब बागवानों की समस्या सिर्फ बाजार और कीमत तक सीमित नहीं है। मौसम में बदलाव ने उत्पादन के पूरे चक्र को प्रभावित किया है। सर्दियों में पर्याप्त बर्फबारी नहीं होना, फ्लावरिंग के समय बेमौसमी बारिश, ओलावृष्टि और बढ़ती बीमारियां एक साथ बागवानों के सामने चुनौती खड़ी कर रही हैं। दूसरी तरफ दवाइयों, खाद, मजदूरी और पैकिंग समेत बगीचे की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कम उत्पादन और बढ़ती लागत के बीच बागवानों के सामने अपनी मेहनत का उचित आर्थिक लाभ हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है। शिलादेश में इस साल सेब उत्पादन की तस्वीर चिंता बढ़ाने वाली है। जहां पंचायत क्षेत्र के करीब 100 बागवान पहले डेढ़ लाख से अधिक पेटियों का उत्पादन करते थे, वहीं इस साल यह आंकड़ा घटकर करीब 50 हजार पेटियों रह गया है। यदि मौसम और उत्पादन की यह स्थिति लगातार बनी रहती है तो आने वाले समय में पारंपरिक सेब उत्पादक क्षेत्रों में बागवानी की आर्थिक व्यवहार्यता को लेकर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। बागवानों की प्रमुख चिंताएं - बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि - सर्दियों में पर्याप्त बर्फबारी न होना - फ्लावरिंग और फल सेटिंग प्रभावित होना - सेब की बीमारियों में बढ़ोतरी - दवाइयों और खाद की बढ़ती कीमतें - मजदूरी और पैकिंग लागत में वृद्धि - कम उत्पादन के बावजूद अपेक्षित मंडी भाव नहीं मिलना
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Recommended

नूंह: नए मकान का बरामदा भरभराकर गिरा, एक ही परिवार के चार सदस्य मलबे में दबे

05 Oct 2026

नूंह: भाजपा नेता को लॉरेंस-गोदारा गैंग के नाम पर धमकी, पांच करोड़ की फिरौती मांगने वाले दो गिरफ्तार

05 Oct 2026

बहराइच के युवक की अंबाला में सड़क हादसे में मौत, शव पहुंचा घर को बिलख उठे घरवाले

05 Oct 2026

गुरु रविदास महाराज के 650वें प्रकाश पर्व पर फिरोजपुर में हुआ विशेष ड्रोन शो

मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज

05 Oct 2026
विज्ञापन

रायबरेली में गंगा एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर से टकराई एसयूवी, परिवार के चार लोग घायल

05 Oct 2026

रायबरेली में पुलिस भर्ती की दौड़ के दौरान 11 अभ्यर्थियों की बिगड़ी तबीयत, मैदान में गिरकर बेहोश

05 Oct 2026
विज्ञापन

कुल्लू में रंगारंग प्रस्तुतियों से सजी ‘एक शाम पंछी के नाम’, केआर पंछी को मिला ‘सूत्रधार कला रत्न सम्मान’

05 Oct 2026

हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी के सिंगापुर दौरे का दूसरा दिन

मंडी: नौ मील में अब डबल पिलर पर बनेगा वाया डक्ट ब्रिज, NHAI ने सिंगल पिलर डिजाइन पर जताई आपत्ति

05 Oct 2026

अमृतसर में जीआरपीएफ जवान पर फायरिंग

05 Oct 2026

कांगड़ा: वीकेंड पर बिना मैच के भी दर्शकों से गुलजार हुआ धर्मशाला स्टेडियम, पर्यटकों की भीड़ से ठेले वालों की चांदी

05 Oct 2026

परौर में सालाना सत्संग संपन्न, डेढ़ लाख संगत ने सुने हुजूर जसदीप सिंह गिल के प्रवचन; पठानकोट-मंडी हाईवे पर लगा जाम

05 Oct 2026

लखनऊ में बढ़ता जा रहा गोमती का जलस्तर, फैजुल्लागंज क्षेत्र में कॉलोनी में बढ़ा पानी

05 Oct 2026

गुरुहरसहाए में रिटायर्ड सूबेदार का गांव पहुंचने पर ढोल-ढमाकों के साथ हुआ स्वागत

एक दिन में तीन एनएमजी रैक लोड कर फिरोजपुर मंडल ने बनाया रिकॉर्ड

फिरोजपुर में 42 हॉटस्पॉट पर चला कासो अभियान, 440 जवानों ने ली तलाशी, 15 काबू

बहिबल गोलीकांड के पीड़ित परिवार ने थामा अकाली दल वारिस पंजाब दे का हाथ

कोटकपूरा के श्री राधा कृष्ण मंदिर में श्री कृष्ण रासलीला का भव्य समापन

राजस्थान: बस से अचानक उठा धुआं, फिर भड़की आग; 13 यात्रियों ने समय रहते बचाई जान

05 Oct 2026

उज्जैन: दशमी पर भस्म से सजे बाबा महाकाल, भांग से बनाया चंद्रमा और ॐ; दिव्य स्वरूप के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

05 Oct 2026

दिल्ली में वायरल गर्ल नीशू ने भी लगाया पिटाई का आरोप

04 Oct 2026

वर्ल्ड स्किल कॉम्पीटिशन: खंडवा के कोविद ने जीता रजत, अब पीएमओ से आया बुलावा; भारत को मिले 20 एक्सीलेंस अवार्ड

04 Oct 2026

कानपुर: अन्नू अवस्थी ने देव यात्रा निकाली, राजनीति की मन्नत मानी

04 Oct 2026

कानपुर: डॉ. गीता मिश्र स्मृति संगीत समारोह का हुआ आयोजन, तबला और गिटार के साथ कथक-भरतनाट्यम ने बांधा समां

04 Oct 2026

कानपुर: चकेरी में अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार घायल

04 Oct 2026

चरखी दादरी अनाज मंडी पहुंचे जोनल एडमिनिस्ट्रेटर, बाजरा खरीद की व्यवस्थाओं का लिया जायजा; अधिकारियों को दिए निर्देश

04 Oct 2026

कानपुर: जेठ के गाली देने पर महिला ने निगला जहरीला पदार्थ, हालत गंभीर

04 Oct 2026

कानपुर: हाईवे पर ट्रकों का बेतरतीब तरीके से खड़ा होना बड़े हादसों को दे रहा दावत

04 Oct 2026

बेकाबू ट्रक की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, मचा कोहराम

04 Oct 2026
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed